गाजियाबाद में गलत निर्माण कराया तो जाएगी अधिकारियों की कुर्सी, लोगों की सुविधा के लिए GDA ने बनाया ये प्लान

तीन दिन में मांगी रिपोर्ट जीडीए उपाध्यक्ष ने कहा कि मैं खुद औचक निरीक्षण करूंगा, जिसके क्षेत्र में अवैध निर्माण मिला, उसका तत्काल नपना तय है।

जून माह अवैध निर्माण के खिलाफ किस प्रवर्तन प्रभारी की क्या कार्ययोजना है।

इसकी विस्तृत जानकारी उन्होंने अगले तीन दिन में उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। संपत्तियों की समीक्षा के दौरान जानकारी मिली कि अभी तक सिर्फ 10 योजनाओं को प्रॉपर्टी मैनेजमेंट सिस्टम के तहत अपडेट किया गया है जबकि आवासीय व व्यावसायिक योजनाएं करीब 55 हैं। उन्होंने दो माह में सभी योजनाओं को सिस्टम पर अपडेट करने के निर्देश दिए, ताकि किसी भी प्रॉपर्टी का पूरा इतिहास यानी किस प्रॉपर्टी के एवज में किस पर कितना बकाया है यह एक क्लिक कर सिस्टम पर देखा जा सके।

सहायक प्रभारी संपत्ति प्रभारियों को निर्देश दिए कि उनके द्वारा देखी जा रही योजनाओं का पोर्टल पर पूरा विवरण जैसे वादग्रस्त, रिक्त, अवैध कब्जा आदि को चिह्नित कर अपडेट करें। बाबुओं की मनमानी पर लगेगी लगाम जीडीए उपाध्यक्ष ने बताया कि आमतौर पर बाबू लोगों को छोटे-छोटे काम करने के लिए परेशान करते रहते हैं।

उदाहरण के लिए अगर किसी आवंटी ने 20 लाख रुपये की किसी प्रॉपर्टी के एवज में किश्त बनाई हैं और किश्त के अनुसार भुगतान कर रहे हैं। दो किश्त के भुगतान के बाद अगर वह 10 लाख रुपये एकमुश्त जमा कर देते हैं।

तो दोबारा से पेमेंट शेड्यूल बनाने में बाबू दो-तीन माह लगा देते हैं।

साथ ही आवंटी का परेशान करते हैं लेकिन अब इस पर लगाम लगेगी। बनाई गई कमेटी प्रॉपर्टी मैनेजमेंट सिस्टम को अपडेट करने के लिए उन्होंने अपर सचिव सीपी त्रिपाठी की अध्यक्षता में एक कमेटी बनाई है।

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