गोरखपुर में बढ़ रहा बाढ़ का खतरा, जिले से गुजरने वाली छह नदियों में उफान, लगातार बढ़ रहा है जलस्तर

संक्षेप:

  • गोरखपुर में बढ़ रहा बाढ़ का खतरा।
  • जिले से गुजरने वाली छह नदियों में उफान।
  • दर्जन भर गांव में बाढ़ के संकट में घिरा।

गोरखपुर. नेपाल और भारत में भारी बारिश होने से गोरखपुर से गुजरने वाली छह नदियां उफना गई हैं। घाघरा नदी का जलस्तर खतरे का निशान पार कर गया है। इस कारण खजनी और गोला तहसील क्षेत्र के कई इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। रोहिन नदी भी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। इससे नदी के किनारे रहने वाले लोगों में दहशत है। कटान की भी आशंका बढ़ गई है।

पांच दिनों की लगातार बारिश से बढ़ा बाढ़ का खतरा

पिछले पांच दिनों से हो रही बारिश की वजह से जिले में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। शहर से होकर गुजरने वाली राप्ती नदी के जलस्तर में पिछले 24 घंटे के दौरान 63 सेंटीमीटर की बढ़ोतरी हुई है। हालांकि, राप्ती अब भी खतरे के निशान से 1.1 मीटर नीचे बह रही है। लेकिन इसका जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। यही स्थिति रही तो शहरी क्षेत्र में राप्ती नदी खतरे का निशान पार कर जाएगी।

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सरकार की सभी विभाग के अफसर हुए अलर्ट

नदियों के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए सिंचाई विभाग, प्रशासन और पुलिस के अफसर सतर्क हो गए हैं। बंधों की निगरानी की जा रही है। जलस्तर बढ़ने से प्रभावित होने वाले गांवों के आसपास सतर्कता बढ़ाई गई है। कटान न हो, यह व्यवस्था सुनिश्चित कराई जा रही है। अगर गांवों में पानी घुसता है, तो नाव के भी इंतजाम किए जाएंगे। जिन नदियों का जलस्तर बढ़ा है, वहां निगरानी बढ़ा दी गई है। राहत-बचाव की योजना पहले से बनी है। आबादी क्षेत्र में पानी घुसा तो राहत-बचाव कार्य तेज किया जाएगा। हर स्तर की तैयारी है।

बाढ़ के संकट में घिरे दर्जन भर गांव

राप्ती और सरयू नदी में उफान की वजह से इलाके के आधा दर्जन गांव पानी से घिर गए हैं। राप्ती के पानी से लखनौरी, लखनौरा, खोहियापट्टी, बिहुआ उर्फ अगलगौवां, हिगुंहार और सरयू के पानी से जैतपुर, कोटिया निरंजन, खैराटी, गोनहा, मुसाडोही, ज्ञानकोल आदि गांव पानी से घिर गए हैं। यदि नदियों में पानी बढ़ने का सिलसिला जारी रहा तो जल्द ही कई गांवों में आवागमन के लिए नाव का सहारा लेना पड़ सकता हैं।

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