गोरखपुरः मुस्लिम भाइयों को राखी बांधकर हिंदू बहनों ने पेश की एकता की मिसाल

संक्षेप:

  • पंत पार्क में मुस्लिम समाज ने की नई मिसाल पेश
  • मुस्लिम भाईयो ने हिंदू बहनों से बंधवाई राखी
  • हिंदू-मुस्लिम एकता की मिसाल की कायम

गोरखपुरः गोरखपुर में गंगा-जमुनी तहजीब की मिसाल पेश करते हुए मुस्लिम भाइयो ने हिन्दू बहनों से अपने हाथों पर राखियां बंधवा कर हिन्दू मुस्लिम एकता की मिसाल कायम की है। साथ ही बहनों के आन,बान,शान की रक्षा की सौगंध ली है। बहनों ने भी भाइयो की तिलक लगा कर उनके दीर्घायु होने की कामना की है।

गोरखपुर के पंत पार्क में रविवार को मुस्लिम समाज के नव जवानों ने समाज के उन असामाजिक तत्वों के ऊपर करारा प्रहार किया है, जो हिन्दू मुस्लिम के नाम पर समाज को बांट कर ओछी राजनीति करते है। मुस्लिम भाइयो ने बेहिचक हिन्दू बहनों से राखी बंधवाई और समाज को एक संदेश दिया कि हिन्दू मुस्लिम एकता को तोड़ा नहीं जा सकता, जैसे हमारे लिए हमारी बहने है, उसी तरह हिन्दू समाज की भी बहनें है।

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राखी बंधवाने के बाद अनवर हुसैन ने कहा कि हिंदू, मुस्लिम, सिख, ईसाई अब आपस में भाई भाई के नारे को और धर्म के ठेकेदारों को बताने के लिए मुस्लिम समाज एक होकर अपने हिन्दू बहनों से राखी बंधवाने का काम किया है। गंगा जमुनी तहजीब को कायम रखते हुए रविवार को हम लोगो ने संकल्प लिया है कि अभी बहनों की रक्षा के लिए हम दृण संकल्पित है।

वही राखी बांधने के बाद हिन्दू बहनों ने कहा कि कुछ धर्म के ठेकेदारों ने समाज को बांटने का काम किया है। जोड़ने का काम बहुत कम लोगों ने किया है, हम लोगों ने मुस्लिम भाइयो को राखी बांध कर एक सन्देश देने का काम किया है कि हम एक है, एक रहेंगे। हमें हमारे मकसद से कोई हटा नहीं सकता। हमारी एकता को कोई डिगा नहीं सकता। हिन्दू मुस्लिम एकता को कोई तोड़ नहीं सकता।

गौरतलब है कि राखी का एक धागा भाइयो को बहनों की रक्षा का संकल्प दिलाता दिलाता है। ये वहीं राखी है, जिसे मेवाड़ की रानी कर्मवती ने मुग़ल शासक हुमांयु को भेज कर अपने राज्य की रक्षा का संकल्प दिलाया था और हुमांयु ने राखी की धागे की लाज रखी थी और मेवाड़ की तरफ आंख उठा कर नहीं देखा था। फ़िलहाल गोरखपुर में मुस्लिम समाज के युवकों ने हिन्दू बहनों से राखी बंधवा कर गंगा जमुनी तहजीब की मिसाल पेश की है।

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