UP Election 2022: सपा-भाजपा कार्यकर्ताओं में मारपीट, चले ईंट-पत्थर, दस घायल, धरने पर बैठे स्वामी प्रसाद मौर्य

संक्षेप:

  • रोड शो के दौरान भाजपा और सपा कार्यकर्ताओं के बीच जमकर चले ईंट-पत्थर।
  • पथराव में सपा प्रत्याशी स्वामी प्रसाद मौर्य की गाड़ी समेत 20 वाहन क्षतिग्रस्त 
  • 18 नामजद व सैकड़ों अज्ञात के खिलाफ पुलिस ने दर्ज किया केस।

गोरखपुर- विधानसभा चुनाव के छठे चरण के प्रचार के अंतिम दिन मंगलवार को फाजिलनगर विधानसभा क्षेत्र के चाफ रायपट्टी में रोड शो के दौरान भाजपा और सपा कार्यकर्ताओं के बीच जमकर ईंट-पत्थर चले। बवाल में दस लोग घायल हो गए। पथराव में सपा प्रत्याशी स्वामी प्रसाद मौर्य की गाड़ी समेत 20 वाहन क्षतिग्रस्त हो गए।  घटना के समय मौर्य अपने वाहन में नहीं थे। बाद में वे पुत्री व बदायूं की सांसद संघमित्रा मौर्य के साथ मौके पर पहुंचे, जहां पिता-पुत्री के साथ अभद्रता हुई। दोनों पक्षों ने विशुनपुरा थाने में तहरीर दी है। सपा के फाजिलनगर विधानसभा क्षेत्र के अध्यक्ष हरिलाल यादव की तहरीर पर 18 नामजद व सैकड़ों अज्ञात के खिलाफ पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है। अखिलेश यादव ने इस घटना की निंदा की है। 

मारपीट के बाद नाराज लोगों ने गोड़रिया और तुर्कपट्टी थाना क्षेत्र के नोनियापट्टी में सड़क जाम कर दी। मौके पर पुलिस फोर्स तैनात कर दी गई है। एडीएम देवीदयाल वर्मा ने लोगों को समझा-बुझाकर जाम समाप्त कराया। बताया जा रहा है कि फाजिलनगर विधानसभा क्षेत्र से सपा प्रत्याशी स्वामी प्रसाद मौर्य समर्थकों के साथ रोड शो कर रहे थे। करीब तीन बजे वह चाफ रायपट्टी पहुंचे, तभी दूसरी तरफ से भाजपा प्रत्याशी सुरेंद्र कुशवाहा के समर्थक वहां पहुंच गए। स्वामी प्रसाद मौर्य की गाड़ी आगे निकल गई।

तभी दोनों पार्टियों के समर्थकों में किसी बात को लेकर विवाद हो गया। इसके बाद उनके बीच मारपीट शुरू हो गई। उधर, भाजपा व सपा कार्यकर्ताओं के बीच झड़प के बाद भाजपा कार्यकर्ताओं ने तुर्कपट्टी थानाक्षेत्र के नोनियापट्टी चौराहे पर कसया-सेवरही मार्ग जाम कर दिया। उनका नेतृत्व भाजपा प्रत्याशी सुरेंद्र कुशवाहा कर रहे थे। मौके पर पहुंचे देवरिया सांसद डॉ. रमापति राम त्रिपाठी ने उच्चाधिकारियों से बात करने के बाद प्रदर्शनकारियों को समझाया कि सपा कार्यकर्ताओं के बारे में जो ख्याति है, आज का उनका कृत्य भी उसी के अनुरूप है।

ये भी पढ़े : राष्ट्रपति चुनाव में भाजपा की उम्मीदवार का समर्थन करेंगी मायावती, विपक्ष पर किया हमला


सांसद के समझाने पर कार्यकर्ता मान गए। इसके बाद आवागमन बहाल हुआ। इस दौरान विधायक गंगा सिंह कुशवाहा, सतीश गौतम, राजेश जायसवाल, जगदीश सिंह, दिवाकर मणि त्रिपाठी, अरुण सिंह, विनय तिवारी, ब्रजेश पांडेय, मनोज तिवारी, दुर्गेश राय, प्रमोद पांडेय, अजय तिवारी, पवन सिंह, जवाहर लाल यादव, दिग्विजय सिंह, झुन्नु सिंह आदि मौजूद रहे।
 

दिखाऊंगी राजनीति कैसी होती है : संघमित्रा
बाजार। बदायूं की सांसद व स्वामी प्रसाद मौर्य की बेटी संघमित्रा मौर्य ने सपा-भाजपा में हुई भिड़ंत के बाद फेसबुक लाइव के माध्यम से लगभग 17 मिनट का वीडियो साझा किया है। इससे खलबली मच गई। उन्होंने कई बार सीधे वोट की अपील की और कार्रवाई की भी।

दरअसल, संघमित्रा ने सबसे पहले वीडियो के माध्यम से अपने पिता पर हुए हमले में भाजपा के लोगों की साजिश बताया। वह बदायूं से भाजपा सांसद होते हुए भी पिता के लिए वोट की अपील कर गईं। उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा नहीं छोडूंगी। पिता के साथ हुई इस घटना को लोकतंत्र पर हमला करार दिया। कहा कि भाजपा सांसद हूं। कार्यकर्ता भी हूं और भाजपा बहन-बेटियों की सुरक्षा की बात करती है, लेकिन यहां के लोगों ने एक बेटी पर हमला किया है।

...किस खेल और काला चिट्ठा की बात कर गईं संघमित्रा?
बात लोकतंत्र से खिलवाड़ की है। आज खुल के कहती हूं, आज तक सारे फर्ज निभाई। एक बेटी, तो एक कार्यकर्ता की भी। आज खुलकर कहती हूं और निवेदन भी करती हूं। कहा कि किसी के दया दृष्टि वाली सांसद नहीं हूं। मैं बदायूं के लोगों के आशीर्वाद रूपी वोट से चुनी गई हूं। न पार्टी छोडूंगी, न पद से इस्तीफा दूंगी, बल्कि कहूंगी कि राजनीति करने का मजा हमें अब आएगा। पहले पिताजी जी के लगाम की वजह से चुप रहती थी, अब पिताजी नहीं है। अब भाजपा में हम राजनीति करेंगे और शीर्ष नेतृत्व के सामने वो भी हम सुबूत के साथ रखेंगे, जो अब तक बदायूं में खेला होता रहा है।

चाहे वो 2019 के चुनाव में पार्टी के जिम्मेदार लोगों ने किया हो, चाहे किसी चुनाव में हुआ हो। चाहे 2022 के चुनाव में हुआ है, उसका काला चिट्ठा पूरे सुबूत के साथ है। आवश्यक होने पर शीर्ष नेतृत्व को रिकार्डिंग के साथ दिखाऊंगी और बताउंगी कि जो बीजेपी का हितैषी बताता है, पार्टी को बदनाम खुद करता है और आरोप संघमित्रा मौर्य पर लगाता है। उन्होंने कहा है कि जो लोग उन्हें दलबदलू कहते हैं, उनको भी जवाब दूंगी। अब चुप नहीं रहूंगी, क्योंकि आधी आबादी की ओर से चुनी गई नेता हूं।

If You Like This Story, Support NYOOOZ

NYOOOZ SUPPORTER

NYOOOZ FRIEND

Your support to NYOOOZ will help us to continue create and publish news for and from smaller cities, which also need equal voice as much as citizens living in bigger cities have through mainstream media organizations.

अन्य गोरखपुर की अन्य ताज़ा ख़बरें पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करें और अन्य राज्यों या अपने शहरों की सभी ख़बरें हिन्दी में पढ़ने के लिए NYOOOZ Hindi को सब्सक्राइब करें।

Related Articles