आठ साल पहले भी मासूम की चीखों से दहला था हरिद्वार, दरिंदे ने बच्‍ची के मुंह पर ठूंसा पत्थर; बनाया हवस का शिकार

शुरुआत में जिले भर की पुलिस ने आरोपित की तलाश की।

पूरे प्रदेश में हल्ला मचने और मुद्दा विधानसभा में उठने के बाद इस घटना की जांच सीबीआइ को सौंप दी गई थी।

सीबीआइ ने कई संदिग्धों के लाई डिटेक्टर टेस्ट, डीएनए जांच कराई, मगर सारी भागदौड़ बेनतीजा रही।12 साल बाद सीबीआइ इस मामले में क्लोजर रिपोर्ट दाखिल करने की तैयारी में है।

कुल मिलाकर यह दोनों मामले पूरे प्रदेश में चर्चित होने के बावजूद बेटियों के गुनहगार आज तक कानून की पकड़ में नहीं आ सके हैं।

ताजा घटना में बच्ची के परिवार ने ही एक परिचित सूरज पर शक जताते हुए आरोप लगाया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रमेंद्र डोबाल ने दावा किया है कि बहुत जल्द आरोपित को गिरफ्तार कर घटना का पर्दाफाश किया जाएगा।

आरोपित को कड़ी से कड़ी सजा दिलाते हुए बच्ची को न्याय दिलाने का भी पूरा प्रयास रहेगा। विश्वासघात की घिनौनी करतूतहरिद्वार: रोड़ी बेलवाला की झुग्गियों में पली अबोध बच्ची के साथ जो हुआ, वह अपराध के साथ विश्वासघात की घिनौनी करतूत है।

जिस व्यक्ति को उस परिवार ने रोटी दी, आसरा दिया, अपना समझा उसी ने उस परिवार की लाडली की अस्मिता को रौंदकर उसकी सांसें भी छीन लीं। आरोपित सूरज चार माह से पीड़ित परिवार के साथ ही रह रहा था।

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