आधार के लिए आमजन परेशान, बांग्लादेशी महिला को मिल गई भारतीय पहचान; सनसनीखेज खुलासा

बांग्लादेशी महिला व उसके पति ने पहले आधार कार्ड बनवाया, फिर उसकी मदद से पैन कार्ड प्राप्त किया।

यदि वे पकड़ में न आते तो इन दोनों दस्तावेजों के सहारे और दस्तावेज बनने तय थे।

कुछ समय बाद शायद महिला व उसके बेटे का सच हमेशा के लिए राज बनकर रह जाता। इस प्रकरण में सबसे बड़ा सवाल आधार कार्ड बनने की प्रक्रिया पर है।

आम नागरिक के लिए यह प्रक्रिया इतनी जटिल है कि लोग महीनों धक्के खाने के लिए मजबूर हैं।

चुनिंदा आधार सेंटरों पर इतनी लंबी लाइन है कि टोकन प्रक्रिया अपनाई जा रही है।

टोकन लेने के लिए भी लोग अल सुबह लाइन में लग जाते हैं।नंबर आने पर नया आधार बनवाने या संशोधन कराने के लिए भी जरूरी औपचारिकता पूरी करनी पड़ती है।

इस केस में संतोष दूबे ने महिला को अपनी पत्नी और उसके बेटे को अपना बेटा बताते हुए बड़ी आसानी से आधार कार्ड व पैन कार्ड बनवा लिए। हरिद्वार जैसी धर्मनगरी, जहां संवेदनशीलता चरम पर रहती है, वहां इतनी आसानी से बांग्लादेशी नागरिकों को भारतीय पहचान मिलना बड़े खतरे की घंटी है।यह भी पढ़ें - Dehradun Crime: सहेली ने पहले किशोरी को करवाया नशा, फ‍िर दोस्त को बुलाकर करवाया दुष्कर्म झुग्गी बस्तियों में सघन अभियान जरूरीधर्मनगरी में शहर के बीच और देहात से सटे इलाकों में कबाड़ बीनने वालों की कई बस्तियां हैं।

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