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मध्य प्रदेश से कांग्रेस की संसद में भागीदारी हुई शून्य, जीतू पटवारी के खिलाफ उबरने लगा असंतोष; हाईकमान को कार्यकर्ता लिख रहे चिट्ठी
- न्यूज़
- Thursday | 6th June, 2024
उम्मीदवारों को संगठन का समर्थन नहीं मिला आरोप लगाया जा रहा है कि लोकसभा चुनाव में उम्मीदवारों को संगठन का समर्थन नहीं मिला।
इंदौर से घोषित उम्मीदवार अक्षय कांति बम को भी संगठन का सहयोग नहीं मिला।
डमी उम्मीदवार का फार्म दाखिल करने की जिम्मेदारी भी पटवारी ने अपने करीबी लोगों को दी, उसमें भी वे फेल हो गए। नोटा के पक्ष में कांग्रेस के परंपरागत वोट भी नहीं डलवा सके।
और तो और आखिरी समय यानी मतगणना में भी प्रदेश अध्यक्ष की विधानसभा क्षेत्र की टेबल ही सूनी रही।
इन सब बिंदुओं को लेकर कार्यकर्ताओं ने शिकायतें दिल्ली भेजने की तैयारी भी शुरू कर दी हैं। कांग्रेस के आधे वोटर भी नहीं निकले उम्मीदवार नहीं होने के बाद कांग्रेस ने नोटा को समर्थन देने की घोषणा की।
इसके बाद अब जब परिणामों का आकलन किया जा रहा है तो इंदौर में कांग्रेस के परंपरागत वोट भी नहीं डल सके।
दरअसल नोटा को कुल दो लाख 18 हजार से कुछ ज्यादा वोट मिले।
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