Lok Sabha Election 2024: क्या तीसरी बार भाजपा करेगी क्लीन स्वीप?, 4 जून को स्थिति हो जाएगी साफ; टिकी सबकी निगाहें

हालांकि, वास्तविक स्थिति मंगलवार को मतगणना के बाद ही पता चलेगी।

राजस्थान की 25 संसदीय सीटों के लिए 19 और 26 अप्रैल को दो चरणों में मतदान हुआ था। मुख्य निर्वाचन अधिकारी प्रवीण गुप्ता ने बताया कि कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच 29 निर्धारित केंद्रों पर मतों की गिनती की जाएगी।

उन्होंने बताया कि सबसे पहले डाक मतपत्रों की गिनती की जाएगी, उसके बाद इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (ईवीएम) के मतों की गिनती की जाएगी। एग्जिट पोल के बाद कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने 12 से 13 सीटें मिलने का भरोसा जताया है।

इनमें मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का गृहनगर भरतपुर भी शामिल है। हालांकि, शर्मा ने भाजपा का रुख बरकरार रखते हुए कहा कि उनकी पार्टी सभी 25 सीटें जीतेगी। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला और केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत, अर्जुन राम मेघवाल और कैलाश चौधरी जैसे प्रमुख नेताओं का परिणाम भी मतगणना प्रक्रिया में तय होगा। एक उल्लेखनीय दावेदार पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के बेटे वैभव गहलोत हैं, जिन्होंने जालोर-सिरोही सीट से चुनाव लड़ा, जहां उनके पिता को अच्छा समर्थन मिला है। राजस्थान में करीब 10 सीटों पर चुनावी घमासान देखने को मिला।

कांग्रेस ने सीकर में सीपीआई(एम) और नागौर में आरएलपी के साथ गठबंधन किया है, जबकि बांसवाड़ा-डूंगरपुर में भारत आदिवासी पार्टी (बीएपी) को समर्थन दिया है। इसके विपरीत, भाजपा ने सभी 25 सीटों पर स्वतंत्र रूप से चुनाव लड़ा। कोटा, जालौर, सीकर, नागौर, चूरू, झुंझुनू, टोंक-सवाईमाधोपुर, बाड़मेर, बांसवाड़ा और जोधपुर जैसी सीटें कड़ी प्रतिस्पर्धा का केंद्र बन गई हैं, जो वरिष्ठ नेताओं की विश्वसनीयता की परीक्षा ले रही हैं। कोटा में बिड़ला का सीधा मुकाबला कांग्रेस के प्रहलाद गुंजल से है।

जोधपुर में सचिन पायलट के वफादार करण सिंह उचियारदा और केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत के बीच मुकाबला है। बाड़मेर संसदीय क्षेत्र में निर्दलीय उम्मीदवार रविंद्र सिंह भाटी ने भाजपा और कांग्रेस दोनों उम्मीदवारों को चुनौती दी है।

भाजपा ने इस सीट से केंद्रीय मंत्री कैलाश चौधरी को मैदान में उतारा था। नागौर में दो प्रमुख जाट नेताओं, कांग्रेस की सहयोगी राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के हनुमान बेनीवाल और भाजपा की पूर्व कांग्रेस सांसद ज्योति मिर्धा के बीच महत्वपूर्ण टकराव देखने को मिला। केन्द्रीय मंत्री मेघवाल ने बीकानेर में कांग्रेस उम्मीदवार एवं पूर्व मंत्री गोविंद राम मेघवाल के खिलाफ चुनाव लड़ा। चूरू में कांग्रेस ने दो बार भाजपा सांसद रहे राहुल कस्वां को मैदान में उतारा है, जिन्होंने वरिष्ठ पार्टी नेता राजेंद्र राठौड़ से मतभेद के बाद पाला बदल लिया था।

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