आखिर क्या है राजस्थान में भाजपा की हार का कारण? दो दिनों के मंथन के बाद केंद्रीय नेतृत्व को भेजी गई रिपोर्ट; कई नेताओं पर गिरी गाज

क्या अग्निवीर योजना बनी हार का कारण? अग्निवीर योजना के कारण भी युवाओं ने भाजपा के प्रति नाराजगी दिखाई।

समीक्षा में यह भी माना गया कि पहले विधानसभा और फिर लोकसभा चुनाव में बड़ी संख्या में कांग्रेसियों के भाजपा में शामिल होने से पार्टी के मूल कार्यकर्ता नाराज थे और उन्होंने चुनाव में मन से काम नहीं किया। हारी हुई सभी सीटों पर हुई चर्चा उल्लेखनीय है कि दो दिनों तक चले मंथन में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, प्रदेश अध्यक्ष सीपी जोशी, प्रदेश चुनाव प्रभारी विनय सहस्त्रबुद्धे ने बारी-बारी से सभी हारी हुई सीटों के जिला अध्यक्ष, लोकसभा प्रभारी, सांसद प्रत्याशी सहित तमाम पदाधिकारियों से विस्तृत चर्चा की।

यह सामने आया कि लगातार दो बार चुनाव जीतने के बावजूद चूरू के सांसद राहुल कस्वा का टिकट काटा गया।

इससे जाट बहुल चूरू, सीकर व झुंझुनूं लोकसभा क्षेत्रों में नुकसान हुआ। कई सांसदों ने नहीं किया घोषित प्रत्याशियों का सहयोग श्रीगंगानगर से पांच बार सांसद रहे निहालचंद मेघवाल का टिकट काटकर प्रियंका बैलान को प्रत्याशी बनाया गया।

मेघवाल खेमे ने उनका सहयोग नहीं किया।

जिन 10 सांसदों का टिकट काटा गया, उनमें नौ ने घोषित प्रत्याशियों का सहयोग नहीं किया।

जयपुर सीट पर टिकट काटे जाने के बावजूद रामचरण बोहरा प्रत्याशी मंजू शर्मा के साथ रहे, लेकिन यहां जीत का अंतर पिछले तीन चुनाव से कम रहा। संविधान बदलने वाली बात ने डुबो दी नैया नागौर से प्रत्याशी ज्योति मिर्धा ने प्रचार के दौरान संविधान बदलने के लिए एनडीए की जीत जरूरी बताई तो कांग्रेस ने इस मुद्दे को जमकर प्रचारित किया, जिससे नुकसान हुआ।

If You Like This Story, Support NYOOOZ

NYOOOZ SUPPORTER

NYOOOZ FRIEND

Your support to NYOOOZ will help us to continue create and publish news for and from smaller cities, which also need equal voice as much as citizens living in bigger cities have through mainstream media organizations.

डिसक्लेमर :ऊपर व्यक्त विचार इंडिपेंडेंट NEWS कंट्रीब्यूटर के अपने हैं,
अगर आप का इस से कोई भी मतभेद हो तो निचे दिए गए कमेंट बॉक्स में लिखे।