- होम >>
शादियों में बर्तन धोते हैं माता-पिता, खुद फैक्ट्री में मजदूरी करता है छात्र; नीट परीक्षा क्रैक कर रचा इतिहास
- न्यूज़
- Sunday | 15th June, 2025
एक वक्त था कि जब पढ़ाई में होनहार होने के बावजूद श्रवण कुमार ने 12वीं के आगे की पढ़ाई नहीं करने का फैसला किया था।
लेकिन अभाव में पले-बढ़े श्रवण कुमार की जिंदगी तब पलटी, जब 2022 के अंत में उनके गांव में बिजली आई और राज्य सरकार की एक योजना के तहत उनकी मां को इंटरनेट एक्सेस के साथ स्मार्टफोन मिला। ग्रामीण इलाकों में करना चाहते हैं सेवा श्रवण कुमार ने यहीं से नीट को अपनी जिंदी का ध्येय बना लिया।
बाड़मेर के सरकारी डॉक्टरों का एक ग्रुप गरीब बच्चों को नीट की मुफ्त कोचिंग कराता है।
इससे श्रवण कुमार भी लाभान्वित हुए।
उनका कहना है कि वह डॉक्टर बनकर दूर-दराज के ग्रामीण इलाकों में सेवा करना चाहते हैं।
श्रवण कुमार ने कहा कि वह अपने माता-पिता को घंटों बर्तन साफ करते नहीं देख पाते।
उन्होंने कहा कि कमाना शुरू करते ही वह सबसे पहले एक पक्का मकान बनवाएंगे और अपने माता-पिता को बर्तन धुलने का काम छोड़ने के लिए कहेंगे।
If You Like This Story, Support NYOOOZ
Your support to NYOOOZ will help us to continue create and publish news for and from smaller cities, which also need equal voice as much as citizens living in bigger cities have through mainstream media organizations.






डिसक्लेमर :ऊपर व्यक्त विचार इंडिपेंडेंट NEWS कंट्रीब्यूटर के अपने हैं,
अगर आप का इस से कोई भी मतभेद हो तो निचे दिए गए कमेंट बॉक्स में लिखे।