UP में भी डॉक्टरों की हड़ताल का व्यापक असर, इलाज के लिए भटक रहे मरीज

संक्षेप:

  • लखनऊ, प्रयागराज, आगरा, गोरखपुर, अयोध्या और इलाहाबाद के मेडिकल कॉलेजों में हड़ताल का असर देखने को मिल रहा है.
  • वहीं डॉक्टरों के हड़ताल के कारण मरीज से लेकर उनके परिजन अस्पताल में दर-दर भटकते नजर आ रहे हैं.
  • प्रयागराज के सरकारी अस्पतालों के डॉक्टर्स भी आज लगातार तीसरे दिन भी कामकाज ठप्प किये हुए है.

लखनऊ: पश्चिम बंगाल में चिकित्सकों के साथ मारपीट के विरोध में इंडियन मेडिकल एसोसिएशन आगरा शाखा के सदस्य सोमवार से 24 घंटे की हड़ताल पर चले गए हैं. सोमवार सुबह छह बजे से मंगलवार की सुबह छह बजे तक हड़ताल रहेगी. हालांकि इस दौरान इमरजेंसी सेवाएं जारी रहेंगी.  इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) की वर्किंग कमेटी ने रविवार को एलान किया था. इसके बाद सोमवार सुबह सभी चिकित्सक एकजुट होकर हड़ताल पर चले गए. आज तोता के ताल स्थित आईएमए कार्यालय पर सभी चिकित्सक एकजुट होंगे और आगे की रूपरेखा बनाएंगे. आईएमए अध्यक्ष डॉ. अशोक शिरोमणि का कहना है कि 24 घंटे की हड़ताल में इमरजेंसी सेवाएं ही चलेंगी. अन्य किसी मरीज को नहीं देखा जाएगा.

आईएमए सचिव डॉ. ओपी यादव ने कहा चिकित्सा में हिंसा की जगह नहीं है. चिकित्सक भय में इलाज नहीं कर सकते हैं. उन्होंने कहा कि अस्पताल, पैथोलॉजी लैब, क्लीनिक, अल्ट्रासाउंड समेत सभी चिकित्सकीय प्रतिष्ठानों पर कार्य नहीं होगा. मरीज हित में इमरजेंसी सेवाएं चालू रखी गई हैं. निजी चिकित्सकों की हड़ताल को देखते हुए एसएन मेडिकल कालेज इमरजेंसी, जिला अस्पताल इमरजेंसी समेत सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर चिकित्सक अलर्ट पर हैं. सीएमओ डॉ. मुकेश वत्स का कहना है कि निजी चिकित्सकों की हड़ताल को देखते हुए एसएन प्राचार्य समेत सभी सीएचसी प्रभारियों को अपने यहां अतिरिक्त व्यवस्थाएं रखने के निर्देश दिए हैं. एसएन मेडिकल कालेज जूनियर डाक्टर एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. भूपेंद्र चाहर का कहना है कि वह हड़ताल में शामिल नहीं हैं, लेकिन सभी डाक्टर काली पट्टी बांधकर चिकित्सकीय कार्य करेंगे.

कोलकाता के एनआरएस मेडिकल कॉलेज में जूनियर डॉक्टरों के साथ मारपीट की घटना के बाद देशभर के डॉक्टर लामबंद हो गए हैं. इस क्रम में सोमवार को लखनऊ, प्रयागराज, आगरा, गोरखपुर, अयोध्या और इलाहाबाद के मेडिकल कॉलेजों में हड़ताल का असर देखने को मिल रहा है. वहीं डॉक्टरों के हड़ताल के कारण मरीज से लेकर उनके परिजन अस्पताल में दर-दर भटकते नजर आ रहे हैं. प्रयागराज के सरकारी अस्पतालों के डॉक्टर्स भी आज लगातार तीसरे दिन भी कामकाज ठप्प किये हुए है और तालाबंदी कर पूरी तरह हड़ताल पर हैं. ऐसी ही कुछ तस्वीर लखनऊ के किंग जॉर्ज मेडिकल कॉलेज में देखने को मिल रही है. यहां डॉक्टर हाथ में काली पट्टी बांधकर प्रदर्शन कर रहे हैं.

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इस सब के बीच मेडिकल कॉलेजों के जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल से अस्पताल की स्वास्थ्य सेवायें पूरी तरह से चरमरा गई हैं और इसका सीधा असर मरीजों की सेहत पर पड़ रहा है. इस कड़ी में आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज के जूनियर डॉक्टरों ने काली पट्टी पहनकर अपना विरोध जता रहे है. इस दौरान आईएमए ने देशभर के सरकारी व निजी क्षेत्र के मेडिकल कॉलेजों, अस्पतालों व नर्सिंग होम में ओपीडी सेवा ठप रखने की अपील की है.

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