अयोध्या: इकबाल अंसारी बोले, 'सुप्रीम कोर्ट जो भी फैसला देगा, हिन्दू-मुस्लिम दोनों मानेंगे'

संक्षेप:

  • अयोध्या मसले पर जल्द सुनवाई की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में आज  सुनवाई होगी
  • सुनवाई से पहले बाबरी मस्जिद पक्षकार इकबाल अंसारी का बयान सामने आया है.
  • उन्होंने कहा कि हमारी मांग है कि सुप्रीम कोर्ट इस मामले पर जल्द से जल्द फैसला किया जाए.

अयोध्या मसले पर जल्द सुनवाई की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में आज (11 जुलाई) सुनवाई होगी. सुनवाई से पहले बाबरी मस्जिद पक्षकार इकबाल अंसारी का बयान सामने आया है. उन्होंने कहा कि हमारी मांग है कि सुप्रीम कोर्ट इस मामले पर जल्द से जल्द फैसला किया जाए.

बाबरी मस्जिद पक्षकार इकबाल अंसारी ने कहा कि देश का सबसे बड़ा मसला राम जन्मभूमि और बाबरी मस्जिद है. इस मसले से हिन्दू-मुस्लिम में मतभेद रहता है और इससे राजनीति पनपती है. उन्होंने कहा कि हम चाहते है कि इस मसले पर सुप्रीम कोर्ट जल्दी फैसला करें.

इकबाल अंसारी ने कहा कि हम सुलह के पैनल का सम्मान करते हैं साथ ही कोर्ट का भी सम्मान है. हमारी भी मांग है कि सुप्रीम कोर्ट जल्दी सुनवाई करे फैसला दे. कोर्ट जो भी फैसला दें, दोनों पक्ष हिन्दू-मुस्लिम मानेंगे. इकबाल अंसारी का कहना है कि सुलह के पैनल के माध्यम से भी फैसला हो सकता है.

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आपको बता दें कि चीफ जस्टिस रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पांच जजों की संविधान पीठ आज (11 जुलाई) को सुबह 10:30 बजे सुनवाई शुरू करेगी. दरअसल, हिन्दू पक्षकार गोपाल सिंह विशारद ने मध्यस्थता में कोई ठोस प्रगति न होने की बात कहते हुए कोर्ट से मुख्य मामले पर जल्द सुनवाई की मांग की है. पिछली सुनवाई में कमेटी ने मध्यस्थता प्रक्रिया के लिए अतिरिक्त समय की मांग की थी. कोर्ट ने कमेटी को 15 अगस्त तक का समय दिया था.

8 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व जज एफएम कलीफुल्ला, धर्म गुरु श्रीश्री रविशंकर और वरिष्ठ वकील श्रीराम पंचु को मध्यस्थ नियुक्त किया था. कोर्ट ने सभी पक्षों से बात कर मसले का सर्वमान्य हल निकालने की कोशिश करने को कहा था. सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि पैनल 4 हफ्ते में मध्यस्थता के जरिए विवाद निपटाने की प्रक्रिया शुरू करने के साथ 8 हफ्ते में यह प्रक्रिया खत्म हो.

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