UP Politics: …तो भाजपा के लिए नहीं थे सियासी खतरे के संकेत, विधानसभा सीटों के आंकड़े ने बजाई खतरे की घंटी

तब कांग्रेस से हाथ मिलाने पर भी 47 सीटों पर सिमटकर सत्ता गंवाने वाली सपा इस चुनाव में सर्वाधिक 183 सीटों पर आगे रही है।

पिछले विधानसभा चुनाव में सिर्फ दो विधायक वाली पार्टी बनी कांग्रेस, लोकसभा चुनाव में सपा से गठबंधन कर 40 विधानसभा सीटों पर अव्वल रही है।  2019 में लगा था पहला झटका लगभग डेढ़ दशक बाद वर्ष 2017 में भाजपा ने राज्य की सत्ता में वापसी की थी।

इस बीच सपा और बसपा की ही सरकारें रहीं।

सात वर्ष पहले भाजपा ने सपा-बसपा को बहुत पीछे छोड़ते हुए रिकॉर्ड 312 विधानसभा सीटों पर जीत दर्ज की थी।  एनडीए के सहयोगी अपना दल(एस) व सुभासपा संग सरकार बनाने वाली भाजपा को पहला झटका दो वर्ष बाद 2019 के लोकसभा चुनाव में लगा।

तब सपा-बसपा-रालोद के मिलने पर भाजपा के सांसद जहां 71 से घटकर 62 रह गए।

वहीं पार्टी 274 विधानसभा सीटों पर ही बढ़त बना सकी थी। सपा के पांच सांसद जीते और पार्टी 44 सीटों पर जबकि 10 सांसद वाली बसपा 66 विधानसभा सीटों पर आगे रही।

सिर्फ रायबरेली लोकसभा सीट जीतने वाली कांग्रेस नौ सीटों पर ही औरों से आगे निकली थी। 2022 नहीं था भाजपा को खतरा दो वर्ष पहले 2022 के विधानसभा चुनाव में भाजपा राज्य में फिर सरकार बनाने में तो कामयाब रही, लेकिन उसकी सीटों और घट गई।

If You Like This Story, Support NYOOOZ

NYOOOZ SUPPORTER

NYOOOZ FRIEND

Your support to NYOOOZ will help us to continue create and publish news for and from smaller cities, which also need equal voice as much as citizens living in bigger cities have through mainstream media organizations.

डिसक्लेमर :ऊपर व्यक्त विचार इंडिपेंडेंट NEWS कंट्रीब्यूटर के अपने हैं,
अगर आप का इस से कोई भी मतभेद हो तो निचे दिए गए कमेंट बॉक्स में लिखे।

Read more Lucknow की अन्य ताज़ा ख़बरें पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करें और अन्य राज्यों या अपने शहरों की सभी ख़बरें हिन्दी में पढ़ने के लिए NYOOOZ Hindi को सब्सक्राइब करें।