अब मिलेगा त्वरित न्याय? एक जुलाई से देश में लागू होंगे ये 3 नए कानून; 10 पॉइंट्स में समझें क्या-क्या बदल जाएगा

डीजीपी मुख्यालय में गुरुवार नए कानूनों के महत्वपूर्ण पहलुओं पर विस्तार से चर्चा हुई।

सूचना प्रसारण मंत्रालय व उप्र पुलिस के इस वार्तालाप कार्यक्रम में डीजीपी प्रशांत कुमार ने कहा कि नए कानूनों की मूल भावना तकनीक का अधिक से अधिक प्रयोग कर यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी स्थित में वादी (शिकायतकर्ता) का उत्पीडन न हो तथा कोई भी निर्दोष व्यक्ति दंडित न हो।

विवेचक व इस प्रक्रिया से जुड़े किसी व्यक्ति के विवेक के बजाए किसी निष्कर्म पर पहुंचने की प्रक्रिया तकनीक पर आधारित हो। इसके लिए फारेंसिक साक्ष्यों का उपयोग भी अधिक से अधिक सुनिश्चित कराया जाएगा।

कहा, पुलिस के अलावा अभियोजन, कारागार, तकनीकी सेवाएं व प्रशिक्षण के सभी पुलिस अधिकारियों व कर्मियों का प्रशिक्षण कराया गया है।

डा.भीमराव अंबेडकर पुलिस अकादमी, मुरादाबाद नए आपराधिक कानून-2023 का विवरण पर एक पाकेट बुक प्रकाशित कर रही है, जिसमें कानूनों का तुलनात्मक विवरण होगा।

नए कानून में वीडियो कान्फ्रेंसिंग से गवाही कराने के भी व्यापक प्रबंध किए जा रहे हैं। डीजीपी ने बताया कि एनआइसी ने ई-साक्ष्य एप बनाया है, जिससे घटनास्थल की वीडियोग्राफी की जा सकेगी तथा उसे डिजीलाकर में सुरक्षित किया जा सकता है।

इससे कोर्ट में साक्ष्य पेश करने में किसी भी प्रकार की तकनीकी बाधा नहीं होगी।

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