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आतंक का उत्तर प्रदेश में गहराता जाल, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट; देवबंद-अलीगढ़ से कनेक्शन भी आ चुका है सामने
- न्यूज़
- Thursday | 29th August, 2024
वजीहुद्दीन ने अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी से की पढ़ाई वजीहुद्दीन ने अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (एएमयू) से पीएचडी की थी।
वह एएमयू के छात्र संगठन एसएएमयू (स्टूडेंट्स आफ अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी) की आड़ में नए युवकों को आइएस के नेटवर्क से जोड़ रहा था।
मूलरूप से छत्तीसगढ़ का निवासी वजीहुद्दीन अलीगढ़ के फिरदौसनगर में रहता था और जिहाद की राह पर कदम बढ़ाने वाले युवकों का अमीर (प्रमुख) था। कोविड काल के दौरान वजीहुद्दीन ने ही अब्दुल्ला अर्सलान के साथ मिलकर एएमयू के छात्र संगठन एसएएमयू का गठन किया था और इससे आनलाइन लगभग दो हजार युवकों को जोड़ा गया था।
वजीहुद्दीन के टेलीग्राम चैनल से कई सक्रिय आतंकी व एएमयू के चुने हुए छात्र भी जुड़े थे। सूत्रों के अनुसार, एसएएमयू से जुड़े एएमयू के छात्रों, पूर्व छात्रों व अन्य युवकों में खासकर ऐसे चेहरों को चुना जाता था, जो जिहाद से अधिक प्रभावित होते थे।
ऐसे कई संदिग्धों की निगरानी भी की जा रही है।
जांच में सामने आया था कि वजीहुद्दीन ने ही आतंकी माज बिन तारिक, अब्दुल्ला अर्सलान, अब्दुल समद, फैजान बख्तियार, नावेद सिद्दीकी व अरशद वारसी को आइएस की शपथ दिलाई थी और जिहाद के लिए तैयार किया था।
इनके देवबंद (सहारनपुर) कनेक्शन भी सामने आए थे। ये भी पढे़ं - यूपी में बुरे फंसे कई बिजली चोर, कटिया लगाकर कर रहे थे चोरी; विजिलेंस की छापेमारी में खुल गई पोल ।
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