पढ़िए कौन हैं BJP के पूर्व विधायक उदयभान करवरिया, जिनकी उम्रकैद की सजा हुई माफ; रिहाई के लिए शासन ने दी मंजूरी

2014 में जारी हुआ वारंट, न्यायालय में किया आत्मसमर्पण 13 अगस्त, 1996 को सिविल लाइंस में सपा के पूर्व विधायक जवाहर यादव उर्फ जवाहर पंडित की दिनदहाड़े गोलियों से छलनी कर दिया गया था।

पहली बार ऐसा हुआ था, जब इलाहाबाद में एके-47 तड़तड़ाई थी।

आरोप करवरिया बंधुओं पर लगा।

मामले में कपिलमुनि करवरिया, उनके भाई उदयभान करवरिया, सूरजभान करवरिया व उनके रिश्तेदार रामचंद्र उर्फ कल्लू नामजद हुए, लेकिन राजनीति में तीनों भाइयों का रसूख बढ़ता गया। कपिलमुनि से बसपा सांसद, उदयभान भाजपा से विधायक व सूरजभान बसपा से एमएलसी बने।

स्थिति वर्ष 2014 में पलटी।

उदयभान ने वर्ष 2014 में न्यायालय में तब आत्मसमर्पण किया था, जब उनके खिलाफ वारंट जारी हो गया था। तीनों भाइयों को सुनाई थी उम्रकैद की सजा अदालत ने चार नवंबर 2019 को तीनों भाइयों सहित चार को आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी।

करवरिया परिवार और पूर्व विधायक जवाहर यादव उर्फ जवाहर पंडित के बीच बालू के ठेकों पर वर्चस्व को लेकर अदावत शुरू हुई थी।

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