मौलाना समेत 12 को उम्रकैद, चार को 10 वर्ष की सजा; मतांतरण कराने के मामले में ATS-NIA कोर्ट ने सुनाया फैसला

एटीएस के लोक अभियोजक नागेंद्र गोस्वामी ने कोर्ट को बताया कि पकड़े गए लोग आइएसआइ और विदेशी संस्थाओं से फंडिंग पाते थे।

पूरे देश में नेटवर्क फैला रखा था, जिसमे उत्तर प्रदेश, गुजरात, हरियाणा, महाराष्ट्र भी शामिल है।

गिरोह की विदेशों से फंडिंग होती थी, जिसके रजिस्टर भी बरामद हुए थे। हजार से अधिक लोगों का कराया मतांतरण एटीएस की जांच में सामने आया था कि मौलाना कलीम और उसके साथियों ने एक हजार से अधिक लोगों का मतांतरण कराया।

बड़ी संख्या में उनका निकाह भी कराया।

ये लोग सुनियोजित ढंग से लोगों को फंसाते थे।

इनके निशाने पर बच्चे, महिलाएं, अनुसूचित जाति, जनजाति तथा मूक बधिर रहते थे।

नोएडा के मूकबधिर स्कूल के बच्चों को भी गायब करने की बात सामने आई थी। इनको उम्रकैद मौलाना कलीम सिद्दीकी, कौसर आलम, डाॅ. फराज बाबुल्ला शाह, प्रसाद रामेश्वर कोवरे उर्फ आदम, भूप्रिय बंदो उर्फ अर्सलान मुस्तफा, मोहम्मद उमर गौतम, मुफ्ती काजी जहांगीर कासमी, इरफान शेख उर्फ इरफान खान, सलाउद्दीन जैनुद्दीन शेख, धीरज गोविंद राव जगताप, सरफराज अली जाफरी व अब्दुल्ला उमर।

If You Like This Story, Support NYOOOZ

NYOOOZ SUPPORTER

NYOOOZ FRIEND

Your support to NYOOOZ will help us to continue create and publish news for and from smaller cities, which also need equal voice as much as citizens living in bigger cities have through mainstream media organizations.

डिसक्लेमर :ऊपर व्यक्त विचार इंडिपेंडेंट NEWS कंट्रीब्यूटर के अपने हैं,
अगर आप का इस से कोई भी मतभेद हो तो निचे दिए गए कमेंट बॉक्स में लिखे।

Read more Lucknow की अन्य ताज़ा ख़बरें पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करें और अन्य राज्यों या अपने शहरों की सभी ख़बरें हिन्दी में पढ़ने के लिए NYOOOZ Hindi को सब्सक्राइब करें।