उत्तर बिहार के लोगों को मिलेगी राहत, 12 जून तक सुहावना रहेगा मौसम; हल्की बारिश की संभावना

वरीय मौसम विज्ञानी डॉ. सत्तार ने कहा कि मध्यम अवधि वाली धान की किस्मों जैसे संतोष, सीता, सरोज, राजश्री, प्रभात, राजेन्द्र सुवासनी, राजेन्द्र कस्तुरी, राजेन्द्र भगवती, कामिनी व सुगंधा की बुवाई के लिए यह उपयुक्त समय है।

किसानों को सलाह दी कि एक हेक्टेयर क्षेत्र में धान की रोपाई के लिए 800 से 1000 वर्ग मीटर में नर्सरी तैयार करें।

क्यारियों की चौड़ाई 1.25 से 1.5 मीटर व लंबाई सुविधानुसार रखें।

बीजों को गिराने से पहले बविस्टिन (2 ग्राम प्रति किलोग्राम बीज) से बीजोपचार जरूर करें।

जिन किसानों के पास सिंचाई की पर्याप्त व्यवस्था है, वे राजश्री, राजेन्द्र मंसुरी, राजेन्द्र स्वेता, किशोरी, स्वर्णा, स्वर्णा सब-1, वीपीटी-5204 तथा सत्यम जैसी किस्मों की बुवाई 10 जून तक बीजस्थली में कर सकते हैं।

धान की प्रस्तावित रोपाई क्षेत्रफल का करीब दसवां हिस्सा नर्सरी के लिए नियोजित करें।

बीजों को बोने से पहले बविस्टिन (1.5 ग्राम प्रति किलोग्राम बीज) से बीजोपचार आवश्यक है।

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