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उत्तराखंड में अनोखा फर्जीवाड़ा, 7000 में उम्र को `कैद` से छुड़ाने का सौदा; इन सवालों के जवाब अभी "दफ्न`
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- Saturday | 24th May, 2025
जन्म और मृत्यु प्रमाणपत्र बनवाने के लिए परिवार के ही किसी सदस्य को ही आवेदन करना पड़ता है।
यानी आवेदनकर्ता सबकुछ जानता है।
पुलिस की जांच मामले के हर पहलू से गुजरे तो वो चेहरे भी सामने आ जाएंगे।
जिन्होंने सर्टिफिकेट बनवाए हैं।
दोषी तो ये लोग भी हुए? निगम से लेकर एसडीएम कोर्ट तक घूमती है फाइलजन्म या मृत्यु प्रमाणपत्र बनाने को लेकर समय के हिसाब से प्रक्रिया भी बदलती रहती है।
पैदा होने या मरने के 21 दिन के भीतर आवेदन करने पर पार्षद का लेटर पेड और अस्पताल के कागज चाहिए।
21 से ज्यादा और एक साल से कम की अवधि होने पर इसके साथ में शपथपत्र भी लगाना होगा।
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