जन्मदिन पर पीएम मोदी के खिलाफ अपनों की सबसे बड़ी साज़िश?

  • जन्मदिन पर पीएम मोदी के खिलाफ अपनों की सबसे बड़ी साज़िश?

    संक्षेप:

    • सीएम योगी के गढ़ यूपी में राजनीति
    • पीएम मोदी के जन्मदिन पर राजनीति
    • प्रधानमंत्री की छवि धूमिल करने का प्रयास 

    By: आशुतोष सहाय

    पीएम मोदी एक तरफ दोबारा प्रधानमंत्री बनना सुनिश्चित करने के लिए एड़ी चोटी का ज़ोर लगा रहे हैं वहीं बीजेपी के कुछ नेता उनकी छवि को नुकसान पहुंचाने के लिए साज़िश करते नज़र आ रहे हैं। पीएम मोदी का जन्मदिन 17 सितम्बर को होना है। कहा जा रहा है कि केवल मसका मारने के लिए बीजेपी एमएलए पीएम मोदी का जन्मदिन  उत्तर प्रदेश के 311 स्कूलों में जाकर मनाएंगे। इसके लिए बीजेपी विधायक किसी एक प्राइमरी स्कूलों में जाकर बच्चों के साथ दिन बिताएंगे और उनकी परेशानियां जानने की कोशिश करेंगे।

    सबसे बड़ा सवाल ये हैं कि क्या बीजेपी विधायकों को वाकई प्राइमरी स्कूलों की समस्याएं पता नहीं हैं। अगर ऐसा है तो उनको जनप्रतिनिधि कहलाने का हक नहीं होना चाहिए। अगर वाकई बीजेपी विधायक पीएम मोदी को गिफ्ट देना चाहते तो उनको प्रयास करने चाहिए थे कि प्रधानमंत्री के जन्मदिन पर वो 311 प्राइमरी स्कूलों को आदर्श स्कूल बनाकर एक मिसाल पेश करते और पूरा देश उनके प्रयासों की तारीफ करता लेकिन सबको मालूम है नेता नगरी का हाल।

    उत्तर प्रदेश में 1.68 लाख सरकार स्कूल हैं जिनमें 1.78 करोड़ बच्चे पढ़ते हैं। इनमें पहली क्लास से पांचवीं क्लास में 1.41 लाख बच्चे हैं जबकि उच्च प्राथमिक स्कूलों में छठी क्लास से 8वीं कक्षा में करीब 54 हजार बच्चे पढ़ते हैं। अब बात करते हैं बीजेपी विधायकों की जिनकी संख्या 311 है। तो ये विधायक 311 स्कूलों में जाकर 16 सितम्बर या 18 सितम्बर को स्कूलों में इसलिए जाएंगे क्योंकि पीएम मोदी का जन्मदिन रविवार यानी 17 सितम्बर को है।

    बीजेपी विधायक केवल पीएम मोदी के जन्मदिन पर बच्चों को मिठाई ही नहीं खिलाएंगे बल्कि स्कूल की कमियों की भी जानकारी लेंगे। उनको पीएम मोदी के न्यू इंडिया मिशन और स्वच्छ भारत अभियान के बारे में जानकारी भी देंगे। बीजेपी के नेता दुहाई दे रहे हैं कि पिछले 15 सालों में सरकारी स्कूलों में केवल मिड डे मील देने का ही काम किया गया। लेकिन इस बात का जवाब बीजेपी नेताओं के पास भी नहीं है कि यूपी में बीजेपी सरकार आने के बाद क्या बदलाव आए।

    सरकारी स्कूलों के बड़ी संख्या में बच्चों को अब तक किताबें नहीं मिली हैं। स्कूली ड्रेस तो उनके लिए दूर की कौड़ी है इसके बाद बच्चों को जूता देने की भी बात कही गयी लेकिन वो कब बच्चों तक पहुंचेंगे इसके बारे में कहना मुश्किल है। स्कूलों की खस्ता हालत, शिक्षकों की कमी, बंद स्कूलों की दास्तान, शिक्षा मित्रों का प्रदर्शन, स्वास्थ्य विभाग की अव्यवस्था किसी से छिपी नहीं है। पूरे प्रदेश में सरकारी स्कूलों की हालत समय के साथ बदतर होती जा रही है।

    क्या जिला प्रशासन के अधिकारी इन विधायकों के साथ मिलकर 311 स्कूल को प्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिन से पहले दुरुस्त नहीं कर सकते थे। करके दिखाने के बाद पीएम मोदी को तोहफा देते तो वाकई वो बड़ा तोहफा भी होता और मिसाल भी। लेकिन सब को मालूम हैं सिर्फ रस्म अदायगी होगी। टीवी चैनलों में स्टोरी और इंटरव्यू चलेंगे। अख़बारों में फोटो छपेंगी और अगले दिन उन बच्चों को फिर से उसी हाल में छोड़ दिया जाएगा। लेकिन इन सबसे सिर्फ प्रधानमंत्री मोदी की छवि को धूमिल करने का प्रयास ही किया जाएगा।

    बीजेपी प्रवक्ता चंद्रमोहन कहते हैं कि पीएम मोदी और सीएम योगी आदित्यनाथ हमेशा बच्चों को सुविधाएं देने पर ज़ोर देते हैं। इसीलिए बीजेपी विधायक पीएम मोदी को जन्मदिन को यादगार बनाना चाहते हैं। लेकिन पीएम मोदी का जन्मदिन की घोषणा एकाएक तो नहीं की गयी। अगर प्रयास किए जाएं तो ये काम औपचारिक होने के बजाय अब भी यादगार हो सकता है। 

    न्यूज़ सोर्स: NYOOOZ HINDI