8 पूर्व सेना प्रमुख समेत 150 रिटायर्ड आर्मी ने राष्ट्रपति को चिट्ठी लिखकर कहा- सेना के नाम पर वोट मांगना हो बंद

संक्षेप:

  • सेना  के राजनीतिकरण का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है
  • देश के 8 पूर्व सेना प्रमुख समेत 100 से ज्यादा रिटायर्ड आर्मी ने राष्ट्रपति  को पत्र लिखकर सेना के नाम पर वोट मांगने के खिलाफ आपत्ति जाहिर की है
  • यह बहुत ही असाधारण है और बिल्‍कुल भी मंजूर नहीं है कि राजनेता मिलिट्री ऑपरेशंस जैसे सर्जिकल स्‍ट्राइक का श्रेय लें और सेनाओं को ‘मोदी जी की सेना’ कहने लगें.

नई दिल्ली: सेना  के राजनीतिकरण का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है. देश के 8 पूर्व सेना प्रमुख समेत 100 से ज्यादा रिटायर्ड आर्मी ने राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को पत्र लिखकर सेना के नाम पर वोट मांगने के खिलाफ आपत्ति जाहिर की है. चिट्ठी में सेना के हालिया ऑपरेशन का हवाला देकर वोट की अपील करने को पूर्व सैनिकों ने बेहत चिंताजनक बताया है.

आइए जानते हैं पूर्व सैनिकों ने राष्ट्रपति को चिट्ठी में क्या लिखा

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राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को भेजी गई इस चिट्ठी में लिखा है, ‘भारत की सेनाओं ने हमेशा इंडियन आर्मी की तुलना में असैन्‍य नियंत्रण पर लोकतांत्रिक सिद्धांतों को ऊपर रखा है और लोकतांत्रिक मूल्‍यों के लिए अपनी वफादारी का प्रदर्शन किया है. चिट्ठी में पूर्व सेना प्रमुख जनरल (रिटायर्ड) एसएफ रॉड्रिग्‍स और जनरल दीपक कपूर के अलावा पूर्व एयर चीफ मार्शल एनसी सूरी और पूर्व नौसेना प्रमुख सुरेश मेहता समेत कुछ और सेना प्रमुखों के हस्ताक्षर हैं. पूर्व सैनिकों ने इस चिट्ठी को देर रात मीडिया को जारी किया जब पहले दौर का मतदान हो गया.

राष्ट्रपति के नाम भेजी गई इस चिट्ठी में यूपी के मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ की उस टिप्‍पणी का जिक्र खासतौर पर है, जिसमें उन्‍होंने सेना को ‘मोदीजी की सेना’ के तौर पर संबोधित किया था.

चिट्ठी में लिखा है, ‘यह बहुत ही असाधारण है और बिल्‍कुल भी मंजूर नहीं है कि राजनेता मिलिट्री ऑपरेशंस जैसे सर्जिकल स्‍ट्राइक का श्रेय लें और सेनाओं को ‘मोदी जी की सेना’ कहने लगें.

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