नोएडा: सांवला रंग बना मौत की वजह, 15वी मंज़िल से कूदकर जान दी

संक्षेप:

  • छात्र ने 15वीं मंजिल से कूदकर जान दी
  • छात्र पढ़ने में होशियार और मिलनसार था
  • छात्र सांवले रंग को लेकर तनाव में रहता था
     

नोएडा।  किशोरावस्था एक ऐसा दौर होता है जब बच्चे अपने शारीरिक रूप को लेकर सबसे ज़्यादा तनाव में रहते हैं. ऐसे में परिवार वालों को बच्चों पर विशेष ध्यान देने की ज़रूरत होती है. उनके तनाव को दूर करने के लिए एक सकारात्मक माहौल बनाना पड़ता है.अगर ऐसा नहीं होता तो बच्चा किसी बुरी संगत या मौत का शिकार हो जाता है.
 
ऐसा ही एक मामला सामने आया है सेक्टर-49 कोतवाली क्षेत्र के सेक्टर-78 स्थित महागुन मॉडर्न सोसाइटी से जहां 11वीं कक्षा के एक छात्र ने 15वीं मंजिल से कूदकर जान दे दी। सुबह जब सोसाइटी के लोग वॉक पर निकले तब उन्हें घटना की जानकारी मिली। सुरक्षा गार्डों ने पुलिस को मामले को सूचित कर परिजनों को इसके बारे में बताया। छात्र संयम (17) के कमरे से सुसाइड नोट नहीं मिला है। 
 
परिजनों ने बताया कि छात्र अपने सांवले रंग को लेकर तनाव में रहता था। हाल ही में उसके रंग पर किसी ने टिप्पणी कर दी थी जिससे वह परेशान था। पुलिस इसी वजह से आत्महत्या की आशंका जता रही है। हालांकि मामले की जांच जारी है।
 
थाना अध्यक्ष सुधीर कुमार सिंह ने बताया कि सेक्टर-142 स्थित मोबाइल कंपनी में नौकरी करने वाले प्रशांत गढियार परिवार समेत महागुन मॉडर्न सोसाइटी में रहते हैं। उनका बेटा संयम शहर के एक नामी स्कूल में 11वीं में पढ़ाई कर रहा था। शनिवार तड़के करीब 4:30 बजे संयम ने सोसाइटी की 15वीं मंजिल से कूदकर आत्महत्या कर ली।
करीब 5:30 बजे जब सोसाइटी निवासी मार्निंग वॉक के लिए आए तो छात्र का शव पड़ा देखकर सुरक्षा गार्ड और पुलिस को सूचना दी। छात्र की पहचान होने के बाद परिजनों को सूचना दी गई। उसे पास के एक अस्पताल में ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

थानाध्यक्ष ने बताया कि छात्र पढ़ने में होशियार और मिलनसार था। उसका रंग सांवला था जिसे लेकर किसी ने कभी टिप्पणी कर दी थी और रंग को लेकर अकसर परेशान रहता था। इससे पहले भी एक बार छात्र ने इसी तरह का प्रयास किया था।
 
उस समय भी वह डिप्रेशन में था लेकिन माता-पिता को समय से पता चलने के कारण उसे समझाबुझा दिया था। कुछ दिन से वह इसी बात को लेकर फिर परेशान था और परिजन लगातार उसे समझाने का प्रयास कर रहे थे। लेकिन अफसोस कि उसने अपनी जान दे दी.
 
 
 

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