नोएडा की छात्रा ने अंग्रेजी में फेल होने के डर से किया सुसाइड, रिजल्ट आया तो इस सब्जेक्ट में मिले 82% मार्क्स

संक्षेप:

  • शर्मिष्ठा की मौत के 2 दिन बाद आए हाईस्कूल के रिजल्ट को देखकर ओडिशा से नोएडा आकर बसे राऊत परिवार के सदस्य स्तब्ध हैं
  • शर्मिष्ठा एक होनहार छात्रा थी. यह उसी घर पर रखी उसकी ट्रॉफी और सर्टिफिकेट बताते हैं
  • लेकिन एग्जामिनेशन फोबिया ने उसकी जान ले ली

सीबीएसई की 10वीं में पढ़ने वाली छात्रा शर्मिष्ठा से फेल होने के डर से ऐसा खौफनाक कदम उठा लिया, जिसके बाद उनके घर पर मातम पसर गया. हालांकि जब सीबीएसई का रिजल्ट आया तो पता चला की उस छात्रा के 10वीं में 70 फीसदी अकं रहें.

बताया जा रहा है कि जिस सब्जेक्ट में उसे फेल होने की सबसे ज्यादा आशंका थी, उसमें उसके 82% मार्क्स आए हैं. अब परिजनों को इस बात का मलाल है कि वे अपनी बेटी के दिल में घर कर गए एग्जाम के डर को निकाल नहीं पाए. यही कारण है कि आज उनकी बेटी उनके बीच नहीं है.

बेटी शर्मिष्ठा की मौत के 2 दिन बाद आए हाईस्कूल के रिजल्ट को देखकर ओडिशा से नोएडा आकर बसे राऊत परिवार के सदस्य स्तब्ध हैं. मां तो बिल्कुल पत्थर की जैसे हो गई है. बेटी को याद करके उसकी आंखों से आंसू झरने लगते हैं और वह बोलती है कि अब इतने अच्छे रिजल्ट का क्या करें. जिसने उसकी बेटी को ही छीन लिया. पिता कहते हैं मेरी बेटी बहुत अच्छी थी. हमेशा पढ़ाई में व्यस्त रहती थी.

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वह ज्यादा बाहर भी नहीं जाती थी, लेकिन हमने उसे पूरी आजादी दी हुई थी. जब वह अंग्रेजी का पेपर देकर आई थी, तभी से वह कह रही थी कि परीक्षा में प्रश्नों के उत्तर लंबे होने के कारण उसके कुछ प्रश्न छूट गए हैं, जिससे उसे डर है कि कहीं वह फेल ना हो जाए. शर्मिष्ठा ने सिर्फ फेल होने की डर से पंखे से लटक कर अपनी जान दे दी. शर्मिष्ठा एक होनहार छात्रा थी. यह उसी घर पर रखी उसकी ट्रॉफी और सर्टिफिकेट बताते हैं. उसे पेंटिंग का भी शौक था और उसने कई अवार्ड जीते थे. लेकिन एग्जामिनेशन फोबिया या भय हम चाहे जो भी कहे उसने इस मेधावी छात्रा की जान ले ली.

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