मौत बांट रहा है Tik Tok, पिस्टल लेकर बना रहा था वीडियो, गोली चली ठांय-ठांय और मौत...

संक्षेप:

  • टिक टॉक मोबाइल वीडियो एप पर वीडियो बनाना जानलेवा हो रहा है
  • टिक टॉक मोबाइल ऐप पर एक युवक पिस्टल लेकर वीडियो बना रहा था
  • वीडियो बनाने के दौरान पिस्टल से फायरिंग हो गई और कार चला रहे युवक की मौत हो गई

नई दिल्ली: टिक टॉक मोबाइल वीडियो एप पर वीडियो बनाना जानलेवा हो रहा है. वीडियो बनाने के प्रति जुनून इतना था कि असली और नकली पिस्तौल में फर्क नहीं कर सके. दरअसल, टिक टॉक मोबाइल ऐप पर एक युवक पिस्टल लेकर वीडियो बना रहा था. वीडियो बनाने के दौरान पिस्टल से फायरिंग हो गई और कार चला रहे युवक की मौत हो गई. मामला नई दिल्ली के बाराखंभा थाना क्षेत्र की है. बाराखंभा थाना क्षेत्र में टिकटॉक मोबाइल ऐप पर पिस्टल हाथ में लेकर तीन युवक कार चलाते हुए वीडियो बना रहे थे. वीडियो बनाने के दौरान गोली चलने से कार चला रहे युवक की जान चली गई.

पुलिस ने इस मामले में कार में बैठे मृतक के दो दोस्तों समेत तीन युवकों को गिरफ्तार किया है. घटना शनिवार रात की है. आरोपियों की निशानदेही पर पिस्टल बरामद कर ली गई है. पुलिस घटना की अन्य पहलुओं से भी जांच कर रही है.

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दिल्ली पुलिस अधिकारियों के अनुसार एलएनजेपी अस्पताल से सूचना मिली थी कि न्यू जाफराबाद निवासी सलमान (19) को हाजी इमरान नामक व्यक्ति ने अस्पताल में भर्ती कराया गया था. उसे गोली लगी थी, रात 11:15 बजे सलमान की मौत हो गई. पुलिस जांच में पता चला कि सलमान न्यू जाफराबाद निवासी सोहेले और न्यू सीलमपुर निवासी आमिर के साथ कार में इंडिया गेट घूमने आया था. वापसी के दौरान सलमान कार चला रहा था, जबकि सोहेल उसकी बगल वाली सीट पर व आमिर पीछे बैठा था. रणजीत सिंह फ्लाईओवर के पास सोहेल ने पिस्टल निकाल ली और मोबाइल से टिक टॉक एप्लीकेशन पर वीडियो बनाने लगा. इसी दौरान गोली चल गई और सलमान के बायें गाल पर जा लगी.

टिक टॉक ऐप का मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है. एक याचिका में मदुरै हाईकोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई है और हाईकोर्ट के आदेश पर रोक लगाने की मांग की गई है. हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में जल्द सुनवाई से इनकार कर दिया है और कहा है कि इस मामले को देखेंगे और लिस्ट के मुताबिक ही सुनवाई होगी. बता दें कि मद्रास हाईकोर्ट की मदुरै बेंच ने केंद्र सरकार को निर्देश दिया है कि वह वीडियो ऐप टिक टॉक की डाउनलोडिंग पर बैन लगाए. साथ ही कोर्ट ने मीडिया को निर्देश दिया है कि टिक टॉक पर बने वीडियो का प्रसारण न करें. गांवों और छोटे शहरों में फेमस टिक टॉक के जरिए 15 सेकेंड्स तक के वीडियो बना कर शेयर किए जा सकते हैं. लोग इस प्लेटफॉर्म पर डांसिंग, सिंगिंग, फनी और हर तरह के वीडियो बनाते हैं. हाईकोर्ट का कहना है कि टिक टॉक के माध्यम से अश्लील सामग्री परोसी जा रही है जो बच्चों के लिए हानिकारक है.

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