Bihar In Modi 3.0 : केंद्र में बिहार की धमक बढ़ी, फिर भी मोदी मंत्रिमंडल में इस समुदाय को नहीं मिली जगह

भाजपा, जदयू एवं लोजपा किसी भी पार्टी के कोटे से एक भी राजपूत सांसद को मंत्रिमंडल में सम्मिलित नहीं किया गया।

बहुत संभव है कि भविष्य में कैबिनेट विस्तार में इसे ध्यान में रखा जाए। यह स्थिति तब बनी है, जबकि अगले वर्ष बिहार में विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए भाजपा कोटे से मंत्रियों की संख्या चार की चार रखी गई है, पर राजपूतों का पत्ता साफ हो गया।

पिछली सरकार में पूर्व नौकरशाह व आरा से सांसद रहे आरके सिंह राजपूत कोटे से ऊर्जा मंत्री थे। 15 वर्ष बाद बढ़ा प्रतिनिधित्व केंद्रीय मंत्रिमंडल में डेढ़ दशक बाद बिहार का प्रतिनिधित्व बढ़ा है।

इससे पहले 2009 में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की नेतृत्व वाली यूपीए (संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन) की सरकार में बिहार से नौ मंत्री हुआ करते थे। वहीं, यूपीए से पहले प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार में भी नौ मंत्री हुआ करते थे।

हालांकि, अभी बिहार से एक-दो और मंत्री के मोदी मंत्रिमंडल में सम्मिलित होने की संभावना है। बिहार से कौन-कौन बने मंत्री? भाजपा से गिरिराज सिंह (भूमिहार), सतीश चंद्र दुबे (ब्राह्मण समुदाय), नित्यानंद राय (Nityanand Rai) (यादव समुदाय) और राजभूषण चौधरी (मल्लाह/निषाद समुदाय)।

जदयू से ललन सिंह (भूमिहार) और रामनाथ ठाकुर (Ramnath Thakur) (नाई/अत्यंत पिछड़ा वर्ग समुदाय)।

लोजपा से चिराग पासवान (पासवान समुदाय)।

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