Bihar Politics : मगध और शाहाबाद की सीट कैसे हार गया NDA? BJP की बैठक में सबकुछ हो गया क्लियर, RJD ने ऐसे लगाई सेंध

मतदाताओं को बूथ तक लाने में उत्साह ही नहीं दिखाए एक बड़ा कारण प्रत्याशियों के रवैये के कारण भाजपा कार्यकर्ताओं की उदासीनता भी रही।

वे मतदाताओं को बूथ तक लाने में उत्साह ही नहीं दिखाए। उल्लेखनीय है कि अंतिम दौर यानी सातवें चरण की आठ सीटों में राजग के छह प्रत्याशी चुनाव हार गए थे।

उनमें भाजपा की चार (पाटलिपुत्र, आरा, बक्सर, सासाराम) और जदयू-रालोमो की क्रमश: जहानाबाद व काराकाट में हार हुई है।

वहीं, पहले चरण के चुनाव में भी भाजपा एक सीट (औरंगाबाद) पर हार गई। बैठक में प्रदेश के अध्यक्ष सह उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, उप मुख्यमंत्री विजय सिन्हा, प्रदेश संगठन महामंत्री भीखू भाई दलसानिया, बक्सर एवं सासाराम में चुनाव हारने वाले भाजपा के प्रत्याशी क्रमश: मिथिलेश तिवारी और शिवेश राम के अलावा कई वरिष्ठ नेता उपस्थित रहे। राजद अफवाह फैलाने में हुआ सफल काराकाट से निर्दलीय चुनाव लड़ रहे पवन सिंह (Pawan Singh) को लेकर राजद की ओर से यह अफवाह फैलाई गई कि भाजपा ही पवन सिंह को लड़ा रही है।

इस कारण कुशवाहा समाज में गलत संदेश गया।

इसकी नाराजगी राजग प्रत्याशियों को पूरे शाहाबाद क्षेत्र में झेलनी पड़ी। कुशवाहा समाज ने राजग (NDA) प्रत्याशियों को वोट ही नहीं दिया।

उसका वोट महागठबंधन के पक्ष में चला गया।

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