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Bihar Politics: बिहार में दो दिवसीय दौरे से विधानसभा उपचुनाव का महौल बना गए नड्डा, यहां पढ़ें खास बात
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- Sunday | 8th September, 2024
इससे विपरीत देश के विभिन्न राजनीतिक दलों में अगर कोई किसी खास परिवार, विशिष्ट खानदान या विशेष जाति से है, तभी पार्टी का अध्यक्ष बन सकता है।
आइएनडीआइए में सम्मिलित सभी पार्टियां इसका प्रमाण है।
कांग्रेस, राजद, सपा एवं एनसी जैसी पार्टियां आरक्षण अपने परिवार को देती है। वहीं, भाजपा में एक साधरण कार्यकर्ता प्रधानमंत्री, राष्ट्रीय अध्यक्ष, प्रदेश अध्यक्ष जैसे पदों पर पहुंचता है।
खाजेकला में भाजपा के मंच पर उपस्थित राष्ट्रीय अध्यक्ष, प्रदेश अध्यक्ष, जिलाध्यक्ष, मंडल अध्यक्ष एवं बूथ अध्यक्ष आपके सामने प्रमाण हैं। भाजपा को बताया दलितों का सच्चा हितैषी नड्डा यह भी बता गए कि भाजपा में अधिकारों की समानता के साथ-साथ अवसर की भी समानता है।
भाजपा में कोई बड़ा या छोटा नहीं, सभी को समान अवसर प्राप्त होते हैं। देश के विभिन्न राजनीतिक दलों में अगर कोई किसी खास परिवार, विशिष्ट खानदान या विशेष जाति से है, तभी पार्टी का अध्यक्ष बन सकता है, भाजपा में एक गरीब घर से आने वाले नरेन्द्र मोदी जैसे साधारण व्यक्ति भी देश के प्रधानमंत्री बन सकते हैं। भाजपा गांव, गरीब, वंचित, दलित, शोषित, किसान, युवा, महिला सशक्तिकरण की पार्टी है।
आइएनडीआइए वालों ने दलितों के साथ राजनीति की, उनको हक नहीं दिया और उनकी चिंता नहीं की।
भाजपा ही दलितों की चिंता की और उनके लिए कार्य किया। कांग्रेस पार्टी ने तो डॉ. भीमराव अंबेडकर को दो बार लोकसभा में जाने से रोकने के लिए हर तरह से प्रयास किए।
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