- होम >>
Bribe Case: दाखिल-खारिज के लिए मांग रहा था 10 हजार, रिश्वतखोर राजस्व कर्मचारी को दस साल की सजा
- न्यूज़
- Tuesday | 2nd July, 2024
दोनों सजाएं एकसाथ चलाए जाने की बात आदेश में विशेष न्यायाधीश ने कही है।
सरकार की तरफ से अभियोजन का संचालन निगरानी के विशेष लोक अभियोजक रामवदन कुमार चौधरी ने किया। ऐसे पकड़ा गया कर्मचारी विदित हो कि खगड़िया जिले के अलौली प्रखंड में तैनात राजस्व कर्मचारी कैलाश रजक ने अलौली के रौन गांव निवासी संदीप कुमार के भाई की जमीन के दाखिल-खारिज और रसीद काटने की एवज में दस हजार रुपये की रिश्वत लेते पटना से आई निगरानी की टीम ने रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया था। इसके लिए शिकायतकर्ता ने निगरानी विभाग को राजस्व कर्मचारी की तरफ से रिश्वत की मांग करने की शिकायत की थी।
उक्त शिकायत की तहकीकात करने के बाद शिकायतकर्ता के सहयोग से निगरानी डीएसपी तारणी प्रसाद यादव के नेतृत्व में तब पहुंची टीम ने राजस्व कर्मचारी को रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया गया था। अभियोजन पक्ष से ने केस को सजा के मुकाम तक पहुंचाने के लिए कुल 13 लोगों की गवाही कराई थी।
जिनमें प्रमुख गवाह तारिणी प्रसाद यादव तत्कालीन डीएसपी और इंस्पेक्टर सुरेंद्र कुमार सरोज की गवाही शामिल थी। यह भी पढ़ें- बिहार में बिजली विभाग का डबल कारनामा सैलून दुकान को 27 लाख तो मजदूर को 31 लाख का भेजा बिल, सदमे में परिवार Bihar News: लेडी डॉक्टर ने पहले बेडरूम में बुलाया, फिर मौका मिलते ही काट दिया पार्षद का प्राइवेट पार्ट ।
If You Like This Story, Support NYOOOZ
Your support to NYOOOZ will help us to continue create and publish news for and from smaller cities, which also need equal voice as much as citizens living in bigger cities have through mainstream media organizations.






डिसक्लेमर :ऊपर व्यक्त विचार इंडिपेंडेंट NEWS कंट्रीब्यूटर के अपने हैं,
अगर आप का इस से कोई भी मतभेद हो तो निचे दिए गए कमेंट बॉक्स में लिखे।