NEET Paper Leak Case: नीट पेपर लीक मामले में संजीव मुखिया की तलाश तेज, इन भर्ती परीक्षा से भी जुड़े हैं तार

ईओयू ने रिपोर्ट की तैयार दूसरी तरफ, ईओयू ने शिक्षा मंत्रालय को सौंपी जाने वाली रिपोर्ट तैयार कर ली है।

ईओयू के वरीय अधिकारी शनिवार को नई दिल्ली जाकर नीट पेपर लीक मामले में अब तक की जांच रिपोर्ट सौंपेंगे।

इसमें पेपर लीक मामले में गिरफ्तार चार परीक्षार्थियों समेत गिरफ्तार 13 आरोपितों के बयान की प्रति भी दी गई है। इसके अलावा पांच मई को पेपर लीक की सूचना के बाद खेमनीचक, बोर्ड कालोनी, एजी कालोनी आदि इलाकों में छापेमारी के बाद बरामद नीट परीक्षार्थियों के एडमिट कार्ड, बुकलेट और जले हुए प्रश्न-पत्र के अवशेष आदि की जानकारी भी दी गई है। झारखंड के रास्ते प्रश्न-पत्र बिहार आने की आशंका जांच टीम उस चेन को भी खंगाल रही है, जिसके जरिए संजीव मुखिया तक नीट के प्रश्न-पत्र पहुंचे।

इसमें सबसे ऊपर अत्री गिरोह का नाम है।

सूत्रों के अनुसार, अत्री गिरोह ने ही संजीव मुखिया और अतुल वत्स जैसे लोगों को बिहार में प्रश्न-पत्र की प्रति उपलब्ध कराई है। अत्री गिरोह के रवि अत्री का नाम उत्तर प्रदेश पुलिस कॉन्स्टेबल परीक्षा में भी आया था।

वह नोएडा का रहने वाला है और फिलहाल मेरठ जेल में बंद है। सूत्रों के अनुसार, अब तक की जांच में बिहार में नीट का प्रश्न-पत्र झारखंड के रास्ते पहुंचने की आशंका भी जताई जा रही है।

पांच मई को नीट पेपर लीक मामले में पटना पुलिस की कार्रवाई के लिए इनपुट भी झारखंड से ही मिला था। संजीव का बेटा डॉ. शिव था शिक्षक भर्ती परीक्षा का मास्टरमाइंड संजीव मुखिया का बेटा डॉ. शिव ही बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) के द्वारा ली गई शिक्षक भर्ती परीक्षा के तीसरे चरण की परीक्षा (टीआरई-तीन) के प्रश्न-पत्र लीक कांड का मास्टरमाइंड था। शिक्षक भर्ती परीक्षा के प्रश्नपत्रों को ट्र्रांसपोर्ट के माध्यम से पटना से नवादा भेजने के क्रम में नालंदा के एक रेस्तरां में स्कैन करने के मामले में संजीव मुखिया की भी भूमिका सामने आई थी। पांच आरोपितों को पुलिस ने किया गिरफ्तार पिछले माह मई में डॉ. शिव समेत पांच आरोपितों को पुलिस ने उज्जैन से गिरफ्तार कर लिया था और इसके बाद पूरे मामले का उद्भेदन हुआ।

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