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जहरीली शराब कांड : बिहार कैसे पहुंचा जानलेवा स्प्रिट? हुआ चौंकाने वाला खुलासा, UP का मुख्य आपूर्तिकर्ता गिरफ्तार
- न्यूज़
- Monday | 21st October, 2024
एक अन्य राज्य में भी पुलिस करने वाली है छापामारी डीआईजी ने बताया कि शराब कांड के तार यूपी के अलावा बिहार के एक अन्य पड़ोसी राज्य से भी जुड़े हैं।
पुलिस शीघ्र ही वहां छापामारी करने के लिए जाने वाली है।
महेश गुप्ता से जुड़े अन्य शराब तस्करों को भी गिरफ्तार किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि तस्करों ने शराब निर्माण का संगठित गिरोह बना रखा था। एक दिन पहले मुख्य आरोपित मशरक के विशुनपुरा निवासी मंटू सिंह को गिरफ्तार कर पूछताछ की गई तो पता चला कि वह दीपक चौधरी से स्प्रिट खरीदता था। सारण व सिवान की संयुक्त पुलिस टीम ने उसे दबोचा तो पता चला कि उसे उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले के भाटपाररानी थाना के भिंडा मिश्रा गांव का महेश गुप्ता स्प्रिट की आपूर्ति करता था।
फिर वह अपनी देखरेख में स्प्रिट की खेप सीधे मंटू सिंह के घर सारण के मशरक थाना क्षेत्र बली विशुनपुरा में उतरवाता था। वहां से मंटू सिंह अपने सहयोगी तीन बड़े तस्कर रूदल मांझी, रजनीकांत व मितुल मांझी के माध्यम से स्प्रिट से शराब बनवाकर परचुनिया (छोटे तस्कर) को बेचवाता था। आधा दर्जन लोगों की आंखों की रोशनी छिन गई आशंका है कि विगत सप्ताह महेश गुप्ता ने ही व्यावसायिक उपयोग में आने वाले जहरीले स्प्रिट मिथेनाल की आपूर्ति की थी, इसके बाद उसके नेटवर्क से जुड़े तस्करों ने उससे शराब बनाकर सैकड़ों लोगों के बीच मौत बांट दी।
जिसने 49 लोगों की जान ले ली, आधा दर्जन लोगों की आंखों की रोशनी छिन गई और लगभग तीन दर्जन लोगों को गंभीर रूप से बीमार कर दिया। इधर, सिवान एसपी अमितेश कुमार ने बताया कि विशेष छापामारी टीम ने जिले में चार दिनों में 13 शराब तस्करों को गिरफ्तार कर किया है।
वहीं एसआइटी ने विगत चार दिनों में कुल 200 स्थानों पर छापामारी की है। यह भी पढ़ें- बिहार में जहरीली शराब से अब तक कितनी मौतें? आगबबूला हुए प्रशांत किशोर; मांझी ने दे डाली चुनौती अपर थानाध्यक्ष साहब छलका रहे थे जाम; वीडियो वायरल होने पर खुली पोल और उतर गई वर्दी ।
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