दुर्घटना पीड़िता का 4 करोड़ का मुआवजा अटका, बीमा कंपनियां कर रहीं आनाकानी; अब नीतीश सरकार करने जा रही ये काम

161 मामलों का किया है निष्पादन सड़क दुर्घटना पीड़ितों को ससमय मुआवजा दिलाने के लिए राज्य में बिहार मोटरवाहन दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण का गठन किया गया है। वर्तमान में सात प्रमंडलीय मुख्यालयों दरभंगा, पटना, सारण, गया, पूर्णिया, मुजफ्फरपुर और भागलपुर में न्यायाधिकरण कार्यरत है।

इन न्यायाधिकरण में दुर्घटना दावा से संबंधित अब तक कुल 161 मामलों का निष्पादन किया गया है। इन बीमा कंपनियों ने नहीं किया भुगतान टाटा एआइजी इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड, नेशनल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड, गो डिजिट जेनरल इंश्योरेंस, आइसीआइसीआइ लोम्बार्ड जेनरल इंश्योरेंस, बजाज एलियांज जेनरल इंश्योरेंस, रिलायंस जेनरल इंश्योरेंस, चोलामंडलम एमएस जेनरल इंश्योरेंस, रायल सुंदरम जेनरल इंश्योरेंस, द न्यू इंडिया जेनरल इंश्योरेंस, श्रीराम जेनरल इंश्योरेंस, एचडीएफसी इरगो जेनरल इंश्योरेंस, एसबीआइ जेनरल इंश्योरेंस, दी ओरियेंटल जेनरल इंश्योरेंस, यूनाइटेड इंडिया नेशनल इन्श्योरेंस आदि। बीमा कंपनियों के द्वारा दुर्घटना मुआवजा भुगतान में देरी करना गंभीर मुद्दा है।

यदि बीमा कंपनियां समय पर भुगतान नहीं करती हैं तो इसकी सूचना आइआरडीए (भारतीय बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण) को दी जाएगी तथा नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

ससमय मुआवजा दिलाने के लिए बीमा कंपनियों की हर माह परफार्मेंस रैंकिंग भी जारी की जाएगी।- संजय कुमार अग्रवाल, परिवहन सचिव ।

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