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नीतीश सरकार की टेंशन बढ़ेगी! राजस्व सेवा के अधिकारियों ने दी दाखिल-खारिज रोकने की धमकी; ये है मामला
- न्यूज़
- Friday | 12th July, 2024
बिहार राजस्व सेवा संघ का क्या कहना है? संघ ने पत्र में लिखा है कि दाखिल-खारिज को लेकर अंचलाधिकारी हमेशा दुविधा में रहते हैं।
कुछ अंचलों में खतियान और भूमि स्वामित्व से जुड़े जरूरी दस्तावेज उपलब्ध नहीं हैं।
जमीन पर दखल सर्वे के अनुसार होती है और खरीद-बिक्री चकबंदी खेसरा से होती है।
रजिस्ट्री के आधार पर रैयतों की ओर से अंचलाधिकारी पर दाखिल-खारिज करने के लिए दबाव बनाया जाता है। बिहार दाखिल-खारिज अधिनियम में अंचल अधिकारी को सिविल जज की शक्ति प्राप्त है।
दो अंचलाधिकारियों का निलंबन ऐसा ही मामला है, मानों किसी न्यायाधीश को न्यायिक शक्ति के उपयोग के लिए दंडित कर दिया जाए। अंचलों में हदबंदी वाली जमीन की कोई सूची नहीं है संघ ने कहा कि बोधगया प्रकरण में राजस्व कर्मचारी के मंतव्य पर जमाबंदी कायम की गई।
बाद में वह जमीन भू-हदबंदी से प्रभावित पाई गई तो जमाबंदी रद कर दी गई।
संघ ने प्रश्न किया है कि हदबंदी की जमीन का निबंधन कैसे हो जाता है।
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