पटना वालों की अजीब परेशानी, सड़कों पर मांस नोंच ले रहे कुत्ते; अस्पतालों में चूहों का आतंक

पटना : एनएमसीएच में भले ही छह माह में चूहों के दो बड़ी करतूत सामने आने से वहां का प्रबंधन शर्मिंदा है, पर अन्य सरकारी अस्पताल इससे अछूते नहीं है।

पुराने जर्जर भवनों में चलने वाले गर्दनीबाग, न्यू गार्डिनर, कंकड़बाग स्थित जयप्रभा पीएचसी से लेकर पीएमसीएच तक की हालत इससे कुछ इतर नहीं है।

यहां भी मरीज और चिकित्साकर्मी चूहों की उछल-कूद व कुतरने की आदत से परेशान हैं। चिकित्सकीय उपकरण के काम नहीं करने से ऐसा? पीएमसीएच में तो अक्सर किसी चिकित्सकीय उपकरण के काम नहीं करने का कारण चूहों के तार कुतरने को बताया जाता है।

बस अंतर यही है कि एनएमसीएच की तरह इन अस्पतालों में चूहों ने अबतक किसी मृत व्यक्ति की आंख नहीं निगली या डायबिटिक न्यूरोपैथी से पीड़ित ऐसा कोई मरीज नहीं मिला, जिससे पैर की अंगुलियां कुतरने का पता नहीं चले। गंदगी और आसपास की स्थिति मुख्य कारण  गर्दनीबाग अस्पताल के पीछे सचिवालय हाल्ट व उजाड़ सी स्थिति है।

भवन जर्जर होने के कारण चूहों को छिपने की पर्याप्त जगह मिलती है।

स्टेशन के प्लेटफार्म व अस्पताल में भर्ती रोगियों के यहां-वहां भोजन फेंकने से चूहों को आश्रय मिल रहा है। न्यू गार्डिनर रोड के जर्जर भवन व पीछे उजाड़ जगह हाेने से यहां भी बड़े-बड़े चूहे हैं लेकिन सिर्फ ओपीडी सेवा के कारण यहां मरीज इनके शिकार नहीं बन पाते।

यही जयप्रभा पीएचसी का भी है।

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