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बिहार में दो तिहाई किसान केसीसी से वंचित, NPA का बहाना बनाकर बैंक नहीं देते KCC और कृषकों को ऋण
- न्यूज़
- Tuesday | 2nd July, 2024
वर्ष 2022-23 में 14.27 लाख केसीसी धारकों को ही ऋण दिए गए।
वर्ष 2023-24 में 6.15 लाख किसानों को नया केसीसी देने का लक्ष्य था।
उसकी तुलना में मात्र 86 हजार किसानों को ही केसीसी दिए गए। घर-घर केसीसी अभियान के तहत प्रधानमंत्री किसान सम्मान योजना से आच्छादित राज्य के 20.23 लाख किसानों को केसीसी देने का लक्ष्य रखा गया था।
उसके लिए आठ हजार से अधिक पंचायतों में अभियान चलाया गया।
अभियान चलाकर वस्तुत: 3.38 लाख किसानों को नए केसीसी दिलाया जाना था। इस सारे उपक्रम के बावजूद विभिन्न जिलों से मात्र 2.59 लाख किसानों को ही केसीसी दिया गया।
इससे स्पष्ट है कि किसानों को ऋण देने में बैंकों की अभिरुचि कम है, अन्यथा अभियान से निर्धारित लक्ष्य तो अवश्य ही प्राप्त किया जाता।
यह स्थिति तब है, जब राज्य की 70 प्रतिशत जनसंख्या कृषि पर निर्भर है। लक्ष्य में कमी के बाद भी उपलब्धि संतोषजनक नहीं बिहार में केसीसी का लक्ष्य वर्ष-प्रति-वर्ष कम होता जा रहा है।
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