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हनुमान चालीसा सुनते-सुनते करा ली बाईपास सर्जरी, 80 वर्षीय बुजुर्ग ने कर दिया कमाल!
- न्यूज़
- Friday | 12th July, 2024
इसमें सीटीवीएस विभाग के ही डॉ. तुषार कुमार, डॉ. अभिनव, डॉ. समर के अलावा एनेस्थीसिया के विभागाध्यक्ष डॉ. पीके दुबे, डॉ. आलोक भारती व डॉ. आलोक कुमार शामिल थे। डॉ. शील अवनीश ने बताया कि इस सप्ताह के अंत तक रोगी को डिस्चार्ज कर दिया जाएगा।
जटिल होने के कारण अवेक कोरोनरी आर्टरी बाईपास ग्राफ्टिंग (अवेक सीएबीजी) सर्जरी लाखों में किसी एक रोगी की होती है।
प्रदेश में यह इस तरह की पहली सर्जरी है।
निदेशक डा. प्रो. बिन्दे कुमार, उप निदेशक डॉ. विभूति प्रसन्न सिन्हा ने इस जटिल सर्जरी के लिए डॉ. शील अवनीश व उनकी टीम को बधाई दी है। कई बड़े अस्पतालों से मायूस होकर आए थे आईजीआईएमएस उम्र 80 वर्ष, हृदय की दो मुख्य धमनियों में 99 प्रतिशत ब्लॉकेज, इसके अलावा मधुमेह, गठिया, अस्थमा समेत कई अन्य गंभीर रोग।
हृदय रोग विशेषज्ञ बाईपास सर्जरी अनिवार्य बता रहे थे, लेकिन विभिन्न राज्यों के कई बड़े-बड़े अस्पतालों में उन्हें मायूसी ही मिली।
कोई बाईपास सर्जरी कर जोखिम नहीं लेना चाहता है।
ऐसे में किसी के बताने पर करीब एक माह पूर्व दरभंगा के कुशेश्वर स्थान निवासी कुशेश्वर यादव आइजीआइएमएस आए और डॉ. शील अवनीश से मिले। जांच में दो मुख्य धमनियां 99 प्रतिशत तक ब्लॉक थीं।
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