ओपीडी का बहिष्कार करने वाले हड़ताली डॉक्टरों के ख़िलाफ़ होगी कार्रवाई

संक्षेप:

  • दो पालियों के विरोघ में डॉक्टरों की हड़ताल के बाद अब सरकार इनके ख़िलाफ़ कार्रवाई की तैयारी में जुई गई है
  • स्वास्थ्य विभाग विरोध करने वाले चिकित्सकों की सूची मंगा रहा है
  • ओपीडी की सुविधा चिकित्सकों के गले नहीं उतर रही

रायपुर: सरकारी अस्पतालों में दो पालियों के विरोघ में डॉक्टरों की हड़ताल के बाद अब सरकार इनके ख़िलाफ़ कार्रवाई की तैयारी में जुई गई है। स्वास्थ्य विभाग विरोध करने वाले चिकित्सकों की सूची मंगा रहा है, ताकि उनके खिलाफ कार्रवाई कर सके।

ओपीडी की सुविधा चिकित्सकों के गले नहीं उतर रही। इसे लेकर सीडा के आह्वान पर लामबंद होकर चिकित्सकों ने शाम की ओपीडी का बहिष्कार किया। हालांकि प्रदेशभर में इसका आंशिक असर ही देखने को मिला वहीं कुछ अस्पतालों में चिकित्सक तो पहुंचे, लेकिन घंटेभर सेवा देकर अस्पताल में ताला लगाकर चले गए।

हड़ताली डॉक्टरों का कहना है कि बिना किसी व्यवस्था दोनों पालियों में ओपीडी की सेवा लागू दी गई है जिससे सरकारी डॉक्टरों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा हैं। उनका आरोप है कि स्वास्थ्य मंत्री और सचिव को भी दिक्कतों के बारे में अवगत कराया गया, लेकिन वे समझने को तैयार ही नहीं है। इसके चलते प्रदेशभर में सोमवार से शाम की ओपीडी का बहिष्कार किया गया। उन्होंने बताया कि प्रदेश के लगभग हजार सरकारी चिकित्सकों ने इसमें समर्थन करते हुए विरोध दर्ज कराया है।

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सरकार द्वारा मांगें नहीं मानी गई तो 16 जनवरी से आपात सेवा का भी बहिष्कार किया जाएगा। ओपीडी बहिष्कार के बीच जिला अस्पताल रायपुर में शाम की ओपीडी में चिकित्सक पहुंचे। सोमवार की बाबात करें तो पंडरी स्थित जिला अस्पताल में शाम की ओपीडी में कुल 69 मरीजों का इलाज हुआ।

सरकार का कहना है कि चिकित्सकों को पहले ही हिदायत दे दी गई थी कि दोनों पालियों में ओपीडी की सुविधा को बंद नहीं किया जाएगा। वहीं हमने चिकित्सकों की दिक्कतों भी जल्द दूर करने का आश्वासन दिया है। बावजूद वे ओपीडी का बहिष्कार कर रहे हैं। सभी जिलों से ऐसे चिकित्सकों की सूची मंगाई जाएगी, जो ओपीडी की सेवा में बाधा पहुंचा रहे हैं। इनके खिलाफ स्वास्थ्य विभाग कार्रवाई करेगा।

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