- होम >>
Cyber Crime: नौकरी का झांसा देकर भेजते थे विदेश और करवाते थे साइबर क्राइम, दो एजेंट गिरफ्तार
- न्यूज़
- Thursday | 8th August, 2024
विदेशों में मानव तस्करी व आईटी एक्ट के तहत दर्ज की गई प्राथमिकी साइबर अपराध थाने में वहां की थाना प्रभारी नेहा बाला के बयान पर पांच अगस्त को नौकरी के नाम पर विदेशों में मानव तस्करी व आईटी एक्ट से संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई है। उन्होंने अपनी शिकायत में लिखा है कि पीड़ितों की तस्करी में शामिल दो एजेंटों का एक रैकेट राज्य में सक्रिय है।
ये फर्जी नौकरी का आफर देकर पीड़ितों को लाओस, कंबोडिया व थाईलैंड के स्कैम सेंटर में काम करने के लिए विवश करते थे। गिरफ्तार दोनों एजेंट कंबोडिया में भारतीय व चीनी नागरिकों के साथ मिलकर काम कर रहे थे।
ये निवेश के नाम पर जालसाजी व पार्ट टाइम जॉब का ऑफर देकर जालसाजी कर रहे थे। वैसे पीड़ित जिन्हें कंबोडिया, थाईलैंड व लाओस में डेटा एंट्री का नौकरी देने के झूठे वादे किए गए थे, उससे प्राप्त गंभीर शिकायतों के आधार पर प्राथमिकी दर्ज की गई है। पीड़ितों के माध्यम से साझा की गईं कंबोडिया में संचालित स्कैम सेंटर की तस्वीरें। ऐसे बनाते थे बेरोजगारों को शिकार गिरफ्तार एजेंटों ने पुलिस को बताया कि ये अपंजीकृत एजेंटों के माध्यम से पीड़ितों से संपर्क करते थे।
फिर उनसे वीजा व टिकट के लिए पैसे जमा करने के लिए कहा जाता था। पीड़ितों को वियतनाम और थाईलैंड के रास्ते कंबोडिया भेजा जाता था।
कंबोडिया में उन्हें स्कैम सेंटर के संचालन में प्रशिक्षित किया जाता था। उन्हें वॉट्सऐप, इंस्टाग्राम और फेसबुक पर फर्जी अकाउंट बनाने व वॉट्सऐप चैट के माध्यम से आकर्षक निवेश ऑफर के साथ संभावित पीड़ितों से संपर्क करने का निर्देश दिया जाता था। संपर्क किए गए पीड़ितों को फर्जी निवेश एप्लिकेशन और वेबसाइटों के लिंक भेजे जाते थे।
पंजीकरण के लिए कहा जाता था और विभिन्न खातों में पैसे जमा करने के लिए उन्हें तैयार किया जाता था। भारत से तस्करी करके लाए गए व्यक्तियों को लंबे समय तक कठोर परिस्थितियों में काम करने के लिए विवश किया जाता था।
उनके पासपोर्ट जब्त कर लिए जाते थे और स्कैम सेंटर को छोड़ने पर प्रतिबंध लगा दिया जाता था। यह भी पढ़ें Cyber Fraud: हो जाएं अलर्ट लाखों कमाने के लालच में पड़ी महिला, गंवा बैठी मोटी रकम बिहार के नवादा में जामताड़ा जैसा कांड, 12 साइबर ठग गिरफ्तार; 13 सिमकार्ड समेत 168 पन्नों की डेटाशीट बरामद ।
If You Like This Story, Support NYOOOZ
Your support to NYOOOZ will help us to continue create and publish news for and from smaller cities, which also need equal voice as much as citizens living in bigger cities have through mainstream media organizations.






डिसक्लेमर :ऊपर व्यक्त विचार इंडिपेंडेंट NEWS कंट्रीब्यूटर के अपने हैं,
अगर आप का इस से कोई भी मतभेद हो तो निचे दिए गए कमेंट बॉक्स में लिखे।