Hemant Soren Case : हेमंत सोरेन की फिर बढ़ी टेंशन! जमीन घोटाला केस में आया नया मोड़, ED ने इस कारोबारी को दबोचा

जमीन कारोबारी शेखर कुशवाहा पर बड़गाईं अंचल के गाड़ी मौजा में चेशायर होम रोड की 4.83 एकड़ जमीन के जाली दस्तावेज तैयार करने का आरोप है।

मूल दस्तावेज के अनुसार यह जमीन सीएनटी एक्ट की प्रतिबंधित श्रेणी की जमीन है, जिसकी खरीद-बिक्री नहीं हो सकती है। जमीन के असली रैयत जीतुआ भोग्ता हैं, जिनके पिता तेतरा भोग्ता थे।

हजारीबाग के मुंशी डीड राइटर इरशाद ने उक्त 4.83 एकड़ जमीन के मूल दस्तावेज में हेराफेरी कर रैयत का नाम बदलकर समरेंद्र चंद्र घोषाल व जितेंद्र चंद्र घोषाल कर दिया था। रैयत का नाम बदलकर प्रतिबंधित श्रेणी से जेनरल जमीन बना दिया और उसका सौदा कर दिया।

पंजी टू के वाल्यूम 1 के पेज संख्या 139 पर यह हेराफेरी की गई, जिसे ईडी ने जांच के क्रम में पकड़ा था। सर्किल रेट के अनुसार वह जमीन 22.61 करोड़ की है।

उस जमीन का सर्किल रेट 468291 रुपये प्रति डिसमिल है।

ईडी की जांच में यह खुलासा हुआ है कि उक्त जमीन के जाली कागजात तैयार करने में बड़गाईं अंचल के राजस्व उप निरीक्षक भानु प्रताप प्रसाद, जमीन कारोबारी विपिन सिंह, अफसर अली, शेखर कुशवाहा, सद्दाम हुसैन, प्रियरंजन सहाय शामिल थे। अन्य सहयोगियों से पूछताछ में कुशवाहा की भूमिका सामने आई थी Jharkhand News यह पूरा गिरोह हेमंत सोरेन से जुड़े बरियातू के 8.86 एकड़ जमीन पर कब्जे की कोशिश व अवैध तरीके से खरीद-बिक्री के मामले में भी आरोपित रहा है।

आरोपितों ने 1947 की डीड संख्या 3954 और वर्ष 1940 की डीड संख्या 2376 में फर्जीवाड़ा किया था। ईडी की ओर से गिरफ्तार शेखर कुशवाहा इनमें एक फर्जी डीड 4.83 एकड़ की है, जो गाड़ी मौजा के खाता संख्या 53 की 37.10 एकड़ का हिस्सा है।

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