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Jharkhand Election: विधानसभा चुनाव से पहले हेमंत सरकार के वादों ने बढ़ाई टेंशन, क्या है भाजपा का मास्टर प्लान?
- न्यूज़
- Friday | 9th August, 2024
सियासी जानकारी यह भी कहते हैं कि किसानों की कर्ज माफी का दायरा 50 हजार से बढ़ाकर दो लाख करने की मंजूरी का भी चुनावों में असर पड़ना स्वाभाविक है। माना जा रहा है कि गुरुवार को जमशेदपुर में झारखंड मुक्ति मोर्चा के पूर्व अध्यक्ष स्वर्गीय निर्मल महतो की पुण्यतिथि के मौके पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने महिलाओं को सालाना एक लाख तक देने की बात कहकर बढ़त बना ली है। इससे प्रतिद्वंद्वी भाजपा पर भी दबाव बढ़ा है कि लुभावनी योजनाओं की घोषणा कर चुनावी महासमर में गठबंधन का मुकाबला किया जाए।
छत्तीसगढ़ में यह प्रयोग सफल हो चुका है। जहां भाजपा ने अप्रत्याशित तरीके से कांग्रेस को हाल ही में संपन्न हुए विधानसभा चुनाव (Jharkhand Assembly Election) में परास्त कर दिया था।
घोषणापत्र में इस बिंदु पर अधिकाधिक फोकस रहने की संभावना है। ध्यान भटका रहे हेमंत सोरेन : भाजपा इधर, भाजपा का कहना है कि हेमंत सोरेन (CM Hemant Soren) चुनाव में अपनी बुरी स्थिति को देखते हुए ऐसी घोषणाएं कर लोगों का ध्यान भटका रहे हैं।
इसके मुकाबले लोगों का भरोसा मोदी की गारंटी पर है। उधर, सत्तारूढ़ झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) पलटवार का कोई मौका नहीं चूक रहा है।
झामुमो का दावा है कि सभी वर्गों के सशक्तिकरण के हेमंत सोरेन के प्रयास से भाजपा के नेता बदहवास हैं।
उनके पास सरकार के विरुद्ध कोई मुद्दा नहीं है। घोषणा पत्र के जरिए भी एक-दूसरे की घेराबंदी भाजपा ने घोषणापत्र को अंतिम रूप देने की तैयारी कर ली है।
इसके लिए वरीय नेताओं की एक उच्चस्तरीय कमेटी की गठित की गई थी।
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