Jharkhand News: झारखंड के कलाकारों के लिए CM हेमंत का बड़ा एलान, लागू की जाएगी स्पेशल पॉलिसी

आदिवासियत को बचाने में लगा है आदिवासी समाज मुख्यमंत्री ने कहा कि कई चुनौतियों का सामना करते हुए आदिवासी समाज के लोग अपनी कला-संस्कृति, रहन-सहन और समृद्ध आदिवासियत को बचाने के लिए जद्दोजेहद में लगे हैं।

कहा, गीत-नृत्य यहां की कला-संस्कृति का महत्वपूर्ण हिस्सा है, जो अनवरत चलता रहता है। बारिश के मौसम में खेत-खलिहान से जुड़े लोगों के मन में भी उत्साह है और सामाजिक सरोकार रखने वाले लोगों के मन में भी उत्साह है।

झारखंड आदिवासी बहुल राज्य है और यहां के आदिवासी समाज के लोग यहां की कला-संस्कृति को संरक्षित करने का काम करते हैं।

राज्य की समृद्ध कला-संस्कृति का सीधा जुड़ाव प्राकृतिक से भी है। धीमी प्रगति ही सही, आदिवासी समाज बढ़ा रहा आगे मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि व्यापार जगत हो, न्यायपालिका का क्षेत्र हो, डाक्टर्स, इंजीनियर्स का क्षेत्र हो या फिर आइएएस, आइपीएस की बात करें तो भी इन सभी क्षेत्रों में आदिवासी समाज के गिने-चुने लोग ही अपनी जगह बना पाए हैं। उन्होंने कहा कि ऐसा नहीं है कि हमारे आदिवासी समाज के लोग आगे नहीं बढ़ रहे हैं।

अब आदिवासी समाज के नौजवान युवक-युवतियां एवं छात्र-छात्राएं अलग-अलग क्षेत्र में अपनी पहचान बना रहे हैं।

झारखंड सिर्फ नदी, पहाड़, पर्वत या खनिज संपदा के लिए ही नहीं जाना जाता है बल्कि यहां एक समृद्ध मानव बल के लिए भी जाना जाता है। मुख्यमंत्री सहित तमाम अतिथियों ने उठाया सांस्कृतिक कार्यक्रम का लुत्फा इस अवसर पर मुख्यमंत्री सहित सभी अतिथियों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम का लुत्फ उठाया।

साथ ही झारखंड एवं अन्य राज्यों से पहुंचे कलाकारों का मनोबल भी बढ़ाया। इस अवसर पर मंत्री हफीजुल हसन, सांसद महुआ माजी, विधायक कल्पना सोरेन, अनूप सिंह, मंगल कालिंदी, अंबा प्रसाद, भूषण तिर्की, मुख्य सचिव एल. खियांग्ते, कैबिनेट विभाग की प्रधान सचिव वंदना दादेल, कल्याण विभाग के सचिव कृपानंद झा, आदिवासी कल्याण आयुक्त अजय नाथ झा आदि उपस्थित थे। ये भी पढ़ें- Jharkhand News: उत्कृष्ट और आदर्श स्कूलों के लिए जैक लेगा एसए-वन परीक्षा, शिक्षा विभाग ने जारी किया निर्देश Maiya Samman Yojana की पहली किस्त रक्षाबंधन पर मिलेगी, हर महीने की 15 तारीख को बैंक खाते में सीधे पहुंचेगी राशि ।

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