Jharkhand Police: झारखंड में अपराधियों की अब खैर नहीं! एक स्कैन पर हाजिर होगी पुलिस; जानें क्या है पुलिस का ERS सिस्टम

इस क्यूआर कोड को एटीएम के अंदर व बाहर भी चस्पा किया जाएगा, ताकि एटीएम फ्रॉड या साइबर अपराध होने की शिकायत तत्काल की जा सकेगी। इस क्यूआर कोड को महिला कॉलेज, कोचिंग सेंटर, स्कूल, बाजार, हाट, मॉल, सोसायटी आदि में भी लगाया जा सकेगा। ऐसे काम करता है क्यूआर कोड डायल-112 के क्यूआर कोड को स्कैन करने पर jh.erss.in का यूआरएल लिंक आता है।

इसको क्लिक करने पर रिक्वेस्ट हेल्प का बटन आएगा।

इसे दबाने पर एक फॉर्म आएगा। इसमें शिकायतकर्ता को कुछ जानकारी देनी है, जो आसानी से थोड़े समय में ही दी जा सकती है।

इसे भरने के बाद एक मैसेज आएगा, सर्विस रिक्वेस्ट सबमिटेड सक्सेसफुली। यह मैसेज आते ही आपकी शिकायत डायल-112 में दर्ज हो जाएगी।

शिकायत दर्ज होते ही पुलिस इसपर काम करेगी व सहायता देगी।

शिकायतकर्ता के मोबाइल पर डायल-112 से एक कॉल भी जाएगा। कॉल करने वाला उनकी शिकायत के बारे में जानकारी लेकर आपातकालीन स्थिति होने पर पास स्थित पीसीआर या प्रतिनियुक्त पेट्रोलिंग वाहन से सहायता उपलब्ध कराएगा। यह भी पढ़ें: Jharkhand News: रांची के फेमस हॉस्पिटल में मरीज की मौत के बाद परिजनों से बदसलूकी, बाउंसरों ने स्वजन को पीटा Jharkhand News: गढ़वा में कलश यात्रा पर समुदाय विशेष के उपद्रवियों का हमला, 7 श्रद्धालु गंभीर रूप से घायल ।

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