Jharkhand Weather Today: भीषण `लू` की चपेट में रहेंगे झारखंड के ये 7 जिले, डाल्टनगंज में टूटा तापमान का रिकॉर्ड

ये भी पढ़ें Jharkhand Land Scam Case: जमीन घोटाले में नया मोड़, गुप्त राज से हटा पर्दा; अब ED ने कोर्ट से की ये डिमांड डाल्टनगंज में तापमान ने बनाया रिकॉर्ड Jharkhand News: इससे आमजनों से लेकर पशु-पक्षियों तक का हाल बेहाल है।

लोग बाहर निकलने से परहेज कर रहे हैं और मानसून का इंतजार कर रहे हैं।

सर्वाधिक तापमान 45.2 डिग्री सेल्सियस डाल्टनगंज का रिकार्ड किया गया है।

मौसम विज्ञानी अभिषेक आनंद ने बताया कि 15 से 17 जून तक राज्य के अधिकांश हिस्सों में तेज गर्मी का असर रहेगा। राज्य में कहीं कहीं वज्रपात होने की भी संभावना है इसे लेकर यलो और आरेंज अलर्ट जारी किया गया है।

वहीं राजधानी रांची में 15 से 20 जून के मध्य सामान्य रूप से बादल छाए रहने और एक या दो बार हल्की वर्षा होने की संभावना बनी है।

लेकिन गर्मी का प्रकोप कुछ ऐसा है कि बादल संघनित नहीं हो पा रहा है। ये भी पढ़ें Rajmahal Lok Sabha Result: राजमहल सीट कैसे हार गई BJP? पार्टी ने राज से उठाया पर्दा; कहा- साजिश की गई ये रहा 40 पार वाले जिलों का तापमान : रांची - अधिकतम 40 डिग्री सेल्सियस डाल्टनगंज - 45.2 डिग्री सेल्सियस जमशेदपुर - 43.4 डिग्री सेल्सियस बोकारो - 43.5 डिग्री सेल्सियस चतरा - 42.4 डिग्री सेल्सियस देवघर - 42.4 डिग्री सेल्सियस धनबाद - 42.2 डिग्री सेल्सियस गढ़वा - 44.7 डिग्री सेल्सियस गिरिडीह - 43.2 डिग्री सेल्सियस गोड्डा - 39 डिग्री सेल्सियस गुमला - 41.5 डिग्री सेल्सियस पाकुड़ - 36 डिग्री सेल्सियस साहिबगंज - 35.3 डिग्री सेल्सियस हजारीबाग - 42.9 डिग्री सेल्सियस जामताड़ा - 40 डिग्री सेल्सियस खूंटी - 41.2 डिग्री सेल्सियस लातेहार - 41.4 डिग्री सेल्सियस पलामू - 44.9 डिग्री सेल्सियस रामगढ़ - 43.4 डिग्री सेल्सियस सरायकेला खरसावां - 44.2 डिग्री सेल्सियस सिमडेगा - 39.5 डिग्री सेल्सियस पश्चिमी सिंहभूम - 41.4 डिग्री सेल्सियस पिछले 24 घंटे में ऐसा रहा मौसम  पिछले 24 घंटे के मौसम की बात करें तो राज्य में कहीं कहीं आंधी के साथ हल्की व मध्यम दर्जे की वर्षा हुई।

सबसे अधिक वर्षा 21 मिमी सिमडेगा के बांसजोर में हुई।

If You Like This Story, Support NYOOOZ

NYOOOZ SUPPORTER

NYOOOZ FRIEND

Your support to NYOOOZ will help us to continue create and publish news for and from smaller cities, which also need equal voice as much as citizens living in bigger cities have through mainstream media organizations.

डिसक्लेमर :ऊपर व्यक्त विचार इंडिपेंडेंट NEWS कंट्रीब्यूटर के अपने हैं,
अगर आप का इस से कोई भी मतभेद हो तो निचे दिए गए कमेंट बॉक्स में लिखे।