Tender Scam : बिरसा मुंडा कारावास भेजे गए आलमगीर आलम, आज 14 दिनों की रिमांड के बाद कोर्ट में थी पेशी

आज पीएमएलए कोर्ट में प्रस्तुत करने के बाद उन्हें न्यायिक हिरासत में रांची के होटवार स्थित बिरसा मुंडा केंद्रीय कारा में भेज दिया गया। इन 14 दिनों की पूछताछ में मंत्री आलमगीर आलम के सामने ईडी ने पूर्व में गिरफ्तार उनके निजी सचिव संजीव लाल व संजीव लाल के नौकर जहांगीर को भी बैठाकर पूछताछ की। 28 मई को IAS मनीष रंजन के साथ हुई थी आलमगीर से पूछताछ संजीव लाल व उनके नौकर जहांगीर आलम से जुड़े ठिकानों से करीब 37.5 करोड़ रुपये नकद की बरामदगी के अलावा भारी मात्रा में दस्तावेज बरामद हुए थे।

इसके बाद ईडी ने 28 मई को मंत्री आलमगीर आलम के सामने ग्रामीण विकास विभाग के पूर्व सचिव मनीष रंजन को भी बैठाया और टेंडर कमीशन के खेल को समझा। उनके बीच वाट्सएप चैट, टेंडर कमीशन के बंटवारे को लेकर हुई बातचीत व कमीशन की राशि से संबंधित निर्णय आदि के मुद्दे पर भी ईडी ने पूछताछ की थी।

ईडी ने मनीष रंजन को अब तीन जून को चल-अचल संपत्ति के दस्तावेज के साथ उपस्थित होने के लिए कहा है। रांची के अयोध्यापुरी व लक्ष्मी नगर में भी पहुंची ईडी की टीम टेंडर कमीशन घोटाले में मंत्री आलमगीर आलम व ग्रामीण विकास विभाग के पूर्व सचिव मनीष रंजन से पूछताछ में ईडी को उनसे जुड़े रांची के दो और ठिकानों की भी जानकारी मिली। इन ठिकानों में कोकर के अयोध्यापुरी रोड नंबर एक निवासी त्रिवेणी ठाकुर व रातू रोड के लक्ष्मी नगर निवासी एक दंत चिकित्सक के ठेकेदार भाई का आवास शामिल हैं। ईडी की टीम करीब तीन घंटे तक दोनों ठिकानों पर छापेमारी की।

इस छापेमारी में कुछ मोबाइल व निवेश से संबंधित दस्तावेज मिले हैं, जिसे ईडी ने जब्त किया है।

ईडी दस्तावेजों को टेंडर कमीशन घोटाले से जोड़कर देख रही है।

कागजातों की जांच जारी है। ये भी पढ़ें: Vacancy in Indian Railway : रेलवे में नौकरी के लिए निकली वैकेंसी, बहाल होंगे 11 चिकित्सक; इस दिन होगा इंटरव्‍यू तैरने वाले ही डूबते हैं, जिन्हें नहीं आता वह किनारे बैठे रहते हैं, गोड्डा सीट से लड़ रहे निशि​कांत दुबे ने और क्या कहा, पढ़िए पूरी बातचीत ।

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