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अचानक उकसावे में की गई गैर इरादतन हत्या को नहीं मान सकते मर्डर, झारखंड HC ने की टिप्पणी
- न्यूज़
- Wednesday | 12th June, 2024
चाचा की हत्या के केस में सजा भुगत रहा था अभियुक्त इसमें उन्हें अपने चाचा की हत्या का दोषी मानते हुए दस साल कारावास की सजा के साथ दस हजार का जुर्माना भी लगाया गया था।
सुनवाई के बाद खंडपीठ ने अपने फैसले में कहा कि यदि गैर इरादतन हत्या अचानक झगड़े के बाद जोश में बिना किसी पूर्व योजना के की गई हो और अपराधी कोई अनुचित लाभ न उठाए या क्रूर तरीके से काम न करे तो उक्त मृत्यु आईपीसी के सेक्शन 300 के अंतर्गत नहीं आएगी।
अपीलकर्ता का मृतक की हत्या करने का कोई इरादा नहीं था।
अचानक झगड़ा हुआ और आवेश में आकर और बिना किसी पूर्व विचार के मृतक के सिर पर हथौड़े से वार किया गया।
अदालत ने दिया तुरंत रिहाई का आदेश चश्मदीद गवाह के साक्ष्य और मेडिकल साक्ष्य से भी पता चलता है कि मृतक के सिर पर केवल एक वार किया गया था।
इससे यह भी पता चलता है कि हत्या करने की कोई पूर्व योजना या इरादा नहीं था।
हाईकोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि अपीलकर्ता पहले से ही दस साल से अधिक समय से हिरासत में था और सजा काट चुका था, इसलिए उसे हिरासत से तुरंत रिहा किया जाए।
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