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कटिया-पतरातू ट्रांसमिशन लाइन को लेकर आया नया अपडेट, इस तारीख से शुरू होगी पहली यूनिट; रांची को होगा फायदा
- न्यूज़
- Friday | 23rd May, 2025
इससे राज्य को एनटीपीसी से महंगे दर पर बिजली खरीदने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी, जिससे झारखंड को सीधा राजस्व लाभ होगा।
इस परियोजना में झारखंड का 24 प्रतिशत और एनटीपीसी का 76 प्रतिशत हिस्सा है। रांची को होगा सबसे अधिक फायदा, 400 मेगावाट मिलेगी बिजलीकटिया-पतरातू ट्रांसमिशन लाइन की पहली यूनिट के शुरू होने से रांची जिले को सबसे अधिक लाभ होगा, जहां 400 मेगावाट बिजली उपलब्ध होगी। इसके अतिरिक्त, 400 मेगावाट बिजली अन्य जिलों और पड़ोसी राज्यों में भी बेची जाएगी, जिससे राजधानी में बिजली की गुणवत्ता में सुधार होगा और गर्मियों में लो-वोल्टेज की समस्या का सामना नहीं करना पड़ेगा। 7.5 किलोमीटर लंबी ट्रांसमिशन लाइन का हो रहा कामकटिया-पतरातू में 7.5 किलोमीटर लंबी ट्रांसमिशन लाइन का निर्माण किया जा रहा है, जो पतरातू प्लांट से कटिया ग्रिड को जोड़ेगी।
इस लाइन में 12 से 13 टावर लगाए जाएंगे। एनटीपीसी और जेबीवीएनएल की है ज्वाइंट वेंचर कंपनीजेबीवीएनएल और एनटीपीसी के बीच एग्रीमेंट के बाद पतरातू विद्युत उत्पादन निगम लिमिटेड (पीवीयूएनएल) की स्थापना हुई।
इस प्लांट के लिए जेबीवीएनएल जमीन, कोयला और पानी दे रहा है, जबकि एनटीपीसी वित्तीय निवेश कर रहा है।
झारखंड सरकार का ऊर्जा विभाग इसकी निगरानी कर रहा है। क्या कहते हैं अधिकारी कटिया-पतरातू ट्रांसमिशन लाइन की पहली यूनिट 15 जून तक शुरू कर दी जाएगी।
निर्माण कार्य को अंतिम रूप दिया जा रहा है।
- राजलाल पासवान, महाप्रबंधक, पीवीयूएनएल ।
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