किसी को दी गई जमानत तब तक निरस्‍त नहीं होगी... जब तक शर्तों का उल्लंघन न किया गया हो: झारखंड हाई कोर्ट

जमशेदपुर सिविल कोर्ट ने दीक्षा कुमारी को एक आपराधिक मामले में आपसी समझौते के आधार पर जमानत दी थी।

जिसके खिलाफ अमित कुमार ने हाई कोर्ट में याचिका दाखिल कर जमानत निरस्त करने का आग्रह किया था। जमशेदपुर कोर्ट ने दीक्षा ने 2022 में दी थी जमानत सुनवाई के दौरान प्रार्थी अमित कुमार के अधिवक्ता ने अदालत को बताया कि प्रतिवादी दोनों पक्षों के बीच हुए समझौते की शर्तों का पालन करने में विफल रहा है।

राज्य सरकार की ओर से कहा गया कि समझौते की शर्तों का पालन न करना जमानत निरस्त करने का आधार नहीं बन सकता है। दोनों पक्षों को सुनने के बाद अदालत ने जमशेदपुर कोर्ट के द्वारा दीक्षा कुमारी को दी गई जमानत को निरस्त करने से इनकार कर दिया और अमित कुमार की याचिका खारिज कर दी।

जमशेदपुर कोर्ट ने दीक्षा कुमार को वर्ष 2022 में जमानत दी थी। ये भी पढ़ें: झारखंड में गर्मी से हाहाकार, 24 घंटे में लू के प्रकोप से 26 लोगों ने तोड़ा दम, बढ़ता जा रहा मौत का आंकड़ा भीषण गर्मी से उबल रहा झारखंड, कोल्हान में 11 लोगों की मौत; जेल में बंद एक कैदी ने भी गंवाई जान ।

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