झारखंड के पारा शिक्षकों के लिए आई बुरी खबर! ऐसे सभी टीचर्स की चली जाएगी नौकरी; विभाग ने दिया एक्शन का आदेश

पाकुड़ के जिला शिक्षा अधीक्षक ने मांगा था मार्गदर्शन दरअसल, इन दोनों संस्थानों के प्रमाणपत्रों की मान्यता को लेकर पाकु़ड़ के जिला शिक्षा अधीक्षक ने उनसे आवश्यक दिशा-निर्देश मांगा था। इसपर राज्य परियोजना निदेशक ने उन्हें पत्र भेजकर कहा कि झारखंड उच्च न्यायालय ने एक एलपीए में 30 अगस्त 2023 को पारित आदेश में हिंदी साहित्य सम्मेलन, प्रयाग के मध्यमा प्रमाणपत्र को इंटरमीडिएट के समतुल्य नहीं मानते हुए वादियों के दावे को खारिज कर दिया है। हिंदी विद्यापीठ के प्रमाणपत्रों को लेकर निर्देश साथ ही वर्ष 2004 में राज्य सरकर के मानव संसाधन विकास विभाग द्वारा जानकारी मांगे जाने पर राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद, लखनऊ ने कहा कि इस संस्थान द्वारा प्रदत्त उपाधि शिक्षक विशारद एवं शिक्षा अलंकार को प्राथमिक शिक्षक हेतु अर्हता बीटीसी के समतुल्य नहीं माना है। निदेशक ने हिंदी विद्यापीठ, देवघर के प्रमाणपत्रों के संबंध में जानकारी दी कि झारखंड सरकार के कार्मिक विभाग ने 15 जून 2023 को आदेश जारी कर कहा है कि 26 फरवरी 2015 के पूर्व इस संस्थान द्वारा निर्गत उपाधि मान्य नहीं होगा। पदाधिकारियों को मिला एक्शन लेने का निर्देश  उन्होंने पाकुड़ के जिला शिक्षा अधीक्षक को इन आदेशों के आलोक में पारा शिक्षकों के प्रमाणपत्रों की जांच करने तथा आवश्यक कार्रवाई करने को कहा है।

उन्होंने इसकी प्रति अन्य जिलों के जिला शिक्षा अधीक्षकों काे भी भेजते हुए आवश्यक कार्रवाई करने को कहा है। यह भी पढ़ें: महिला पर्यवेक्षिका नियुक्ति में आया बड़ा अपडेट इतने अभ्यर्थियों का आवेदन रद्द, ये है कारण काउंसिलिंग करें या CBI रिपोर्ट का इंतजार? दांव पर लगा करियर, NEET UG पेपर लीक पर छलका छात्र-छात्राओं का दर्द ।

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