रांची को Smart City बनाने में इस परियोजना का होगा बड़ा रोल, इन समस्याओं से पर रखी जाएगी नजर

सचिव ने ली ये जानकारी सचिव ने कहा कि अत्याधुनिक तकनीक से लैस उपकरणों का अधिक से अधिक इस्तेमाल होना चाहिए।

कमांड सेंटर से संचालित हो रही स्वचालित ट्रैफिक सिग्नल्स, पीए सिस्टम, वीएमएसबी, स्पीड वायलेशन डिटेक्टर, रेड लाइट वायलेशन डिटेक्टर, आटोमेटिक नंबर प्लेट की पहचान आदि को लेकर निर्गत ऑनलाइन चालान की जानकारी ली। इसके साथ ही उन्होंने शहर के विभिन्न क्षेत्रों में जलजमाव के कारण हो रही समस्याओं के निराकरण के लिए भी इसके इस्तेमाल का निर्देश दिया।

कहा कि मानसून के दौरान शहर में वॉटर लॉगिंग से परेशान इलाकों की पहचान में इस व्यवस्था का इस्तेमाल किया जाए। सचिव ने कहा कि बरसात के दौरान नगर निगम क्षेत्र में कई जगह से जलजमाव की शिकायत आती है और ऐसे में इस सेंटर से ऐसी जगहों को चिह्नित कर निगरानी रखी जाए। सड़क दुर्घटनाओं पर भी रहे विशेष नजर नगर विकास सचिव ने डेमो के माध्यम से जब स्पीड वायलेशन डिटेक्टर के मामलों को देखा तो इसकी भी जानकारी ली कि ऐसे मामलों में कैसे कार्रवाई होती है। उन्होंने कहा कि शहर में हो रही सड़क दुर्घटनाओं पर भी नजर रखी जाए और इसकी सूचना तुरंत संबंधित थाना या स्वास्थ्य विभाग की एजेंसी को दी जाए ताकि पीड़ित को समय पर सहायता मिल सके।

इसमें आर्टिफिशिएल इंटेलीजेंस की मदद भी लेने का निर्देश उन्होंने दिया। समय से निर्गत हो चालान रांची स्मार्ट सिटी के प्रबंध निदेशक सह अध्यक्ष अरवा राजकमल ने कमांड सेंटर से निर्गत हो रहे ऑनलाइन चालान की ली और इसमें लंबित मामलों पर त्वरित कार्रवाई का निर्देश दिया।

कहा कि ट्रैफिक नियमों की अनदेखी के मामलों में जो भी चालान निर्गत हो रहे हैं वह रियल टाइम में निर्गत हों। इस दौरान स्मार्ट सिटी के महाप्रबंधक तकनीकी राकेश कुमार नंदकुलियार ने सचिव को कमांड सेंटर की विस्तृत जानकारी दी।

पीआरओ अमित कुमार, सचिव के ओएसडी विजय कुमार, प्रबंधक उत्कर्ष कुमार, जुडको के आशुतोष सिंह आदि मौजूद थे। ये भी पढे़ं- झारखंड-बिहार बॉर्डर पर नदी में बह गया एक और पुल, करोड़ों की लागत से हो रहा था निर्माण Jharkhand Bridge Collapse: बिहार के बाद झारखंड में धड़ाम हुआ निर्माणाधीन पुल, पानी में बहा गार्डर; पिलर भी धंसे ।

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