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लू से मरे चमगादड़ खा गए ग्रामीण, अब सता रही महामारी की चिंता; एक्शन में स्वास्थ्य विभाग की टीम
- न्यूज़
- Friday | 31st May, 2024
स्वास्थ्य विभाग का क्या है प्लान स्वास्थ्य विभाग की टीम चमगादड़ खाने वाले लोगों को आइसोलेट करने पर भी विचार कर रहा है।
स्वास्थ्य विभाग की टीम में शामिल सदस्यों ने बताया कि गांव में शिविर लगाने के दौरान वहां कई चमगादड़ मृत मिले, जिन्हें दफना दिया गया। पशुपालन विभाग चमगादड़ों की मौत के कारणों की जांच के लिए नमूना एकत्रित कर जांच कराने की तैयारी में है।
हजारीबाग के सरैया चट्टी पाठक टोला में भी बड़ी संख्या में चमगादड़ अधिक गर्मी की वजह से झुलस कर मर गए हैं। स्थानीय ने इस घटना को लेकर क्या बताया स्थानीय लोगों के अनुसार, यहां पीपल, बरगद इमली, सेमल, आम के पेड़ों पर वर्षों से चमगादड़ों का बसेरा है।
कुछ लोग इनके मांस का सेवन भी करते हैं।
कोरोना संक्रमण के बाद से लोग डर गए हैं, जिससे इनके शिकार में कमी आई है।
पर्यावरणविद डा. मुरारी सह कहते हैं कि चमगादड़ों के पंख महीन झिल्ली से बने होते हैं।
वह अधिक तापमान नहीं सह पाते हैं।
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