`संताल में बांग्लादेशी घुसपैठियों की पहचान और कार्रवाई संभव नहीं`, केंद्र ने हाईकोर्ट को बताया

पिछले सुनवाई में हाई कोर्ट ने राज्य सरकार से किया था ये सवाल  पिछली सुनवाई में कोर्ट ने पूछा था कि सीएए के तहत केंद्र सरकार संथाल परगना के पांच जिलों में बांग्लादेशी घुसपैठियों पर सीधा कार्रवाई कर सकती है या नहीं।

राज्य सरकार ने अदालत को बताया था कि झारखंड के संताल परगना के पांच जिलों में बांग्लादेशी घुसपैठियों पर केंद्र सरकार ही कार्रवाई कर सकती है।

राज्य सरकार की इसमें ज्यादा भूमिका नहीं है।

अभी केंद्र सरकार द्वारा सीएए के लागू होने के बाद स्थितियां बदली है।

पड़ोसी देश के कुछ अल्पसंख्यकों को नागरिकता दी जाएगी। दानियल दानिश ने मामले में याचिका दाखिल की बता दें कि इस संबंध में दानियल दानिश ने याचिका दाखिल की है, जिसमें कहा गया है कि जामताड़ा, पाकुड़, गोड्डा, साहिबगंज आदि झारखंड के सीमावर्ती इलाके से बांग्लादेशी घुसपैठिए झारखंड आ रहे हैं।

इन जिलों में बड़ी संख्या में मदरसा स्थापित किया जा रहा है।

साथ ही स्थानीय आदिवासियों के साथ वैवाहिक संबंध बनाया जा रहा है। प्रार्थी ने अपनी याचिका में कहा है कि इस मामले में भारत सरकार का गृह मंत्रालय रिपोर्ट दाखिल करे और बताएं कि झारखंड के सीमावर्ती इलाके से कैसे बांग्लादेशी घुसपैठिए झारखंड आ रहे हैं और उनके द्वारा झारखंड में कैसे लोगों को गुमराह कर वैवाहिक संबंध स्थापित किया जा रहा है। ये भी पढ़ें-  Lok Sabha Election 2024: गुमला में वोट देने पहुंचा बांग्लादेशी घुसपैठिया, पूछताछ होने पर फरार Lok Sabha Election 2024: कांग्रेस अध्यक्ष खरगे के मंच पर दिखा BJP सांसद का बेटा, सियासी हलचल तेज ।

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